वर्धा में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की बड़ी कामयाबी, राज्य में जिला दूसरे स्थान पर
Wardha News: राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम में वर्धा हाई-रिस्क जांच में राज्य में दूसरा स्थान, 2025 में 2.5 लाख की स्क्रीनिंग, 1,657 मरीज मिले और इलाज तक 1,000 मासिक सहायता दिया गया।
- Written By: रूपम सिंह
टीबी उन्मूलन (AI Generated Photo)
Wardha District News: राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशांक में अत्यधिक जोखिम वाले नागरिकों की जांच के कार्य में वर्धा जिले ने राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है। जनवरी से दिसंबर 2025 के दौरान किए गए कार्यों के मूल्यांकन के आधार पर यह परिणाम घोषित किया गया है।
इस सफलता का श्रेय पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर, जिलाधिकारी वान्मथी सी. मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण के मार्गदर्शन में जिला शल्य चिकित्सक डॉ. सुंमत वाघ, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. स्वप्निल बेले और जिला टीबी अधिकारी डॉ. हेमंत पाटिल तथा स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को दिया जा रहा है।
जिले में टीबी की जांच और उपचार के लिए मजबूत स्वास्थ्य ढांचा उपलब्ध है। यहां 11 ट्यूनेट, 3 सीबीनेट, 11 एक्स-रे सेंटर और 43 माइक्रोस्कोपी केंद्र कार्यरत हैं। क्षयरोग की पहचान और इलाज पूरी तरह नि:शुल्क किया जाता है। टीबी मरीजों की निगरानी, फॉलो-अप और सरकारी सहायता तहसील, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उपकेंद्र और ग्राम पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और आशा सेविकाएं प्रदान करती हैं।
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प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत विभिन्न संस्थाएं, उद्योग समूह, दानदाता और निक्षय मित्र टीबी मरीजों और उनके परिवारों को पोषण आहार किट उपलब्ध करा रहे हैं। नायरा एनर्जी ने 792 क्षयरोग मरीजों को तीन वर्षों के लिए गोद लेकर उनके लिए 75 लाख रुपये की निधि प्रदान की है, जिससे इस अभियान को महत्वपूर्ण सहयोग मिला है।
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जिले में क्षयरोग के मरीज
वर्ष 2025 के दौरान वर्धा जिले में कुल 2 लाख 50 हजार 972 नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 1,657 टीबी मरीजों की पहचान हुई। अत्यधिक जोखिम वाले नागरिकों के लिए 28,218 एक्स-रे और 14,262 नॅट टेस्ट किए गए हैं। साथ ही, पोषण सहायता के तहत टीबी मरीजों को इलाज की अवधि तक हर महीने 1,000 रुपये उनके बैंक खाते में सीधे जमा किए जा रहे हैं।
