

Wardha Police Training Centre: पालकमंत्री तथा प्रदेश के गृह राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर के प्रयासों से विदर्भ के राज्य आरक्षित पुलिस बल (एसआरपीएफ) के सभी गुटों के लिए वर्धा में स्वतंत्र प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने को राज्य सरकार ने मंजूरी प्रदान की है। गृह विभाग ने 1 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में शासन निर्णय जारी किया।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जिले के विकास को नई गति मिलने के साथ ही ऐतिहासिक वर्धा के गौरव में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। प्रशिक्षण केंद्र के लिए करीब 200 एकड़ जमीन उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने जमीन हस्तांतरण को सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी है।
इस परियोजना पर लगभग 34.07 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसमें 26.84 करोड़ रुपए आवर्ती तथा 7.23 करोड़ रुपए अनावर्ती खर्च शामिल हैं। केंद्र के लिए कुल 446 पदों का सृजन किया जाएगा। इनमें संवर्ग 'अ' के 53, समूह 'ब' के 18, समूह 'क' के 221 और समूह 'ड' के 130 पद शामिल हैं। इसके अलावा 24 पदों पर ठेका एवं बाहरी एजेंसियों के माध्यम से नियुक्तियां की जाएंगी। केंद्र में वाहनों, प्रशिक्षण सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी।
इस निर्णय से विदर्भ के राज्य आरक्षित पुलिस बल के जवानों और अधिकारियों को वर्धा में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी। वर्तमान में दौंड के नानवीज में राज्य आरक्षित पुलिस बल का एकमात्र प्रशिक्षण केंद्र कार्यरत है। बढ़ती जरूरतों और दौंड स्थित केंद्र पर बढ़ते दबाव को देखते हुए वर्धा में नए प्रशिक्षण केंद्र की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए गृह राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने वर्धा में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए प्रयास शुरू किए थे।
उनके प्रयासों को सफलता मिली और राज्य सरकार ने इस केंद्र को मंजूरी प्रदान कर दी। इससे पहले भी डॉ. भोयर के प्रयासों से वर्धा में लघु वैद्यकीय न्याय प्रयोगशाला को मंजूरी मिली है। गृह राज्यमंत्री का गृह जिला होने के कारण वर्धा पुलिस दल को नई सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
डॉ. पंकज भोयर ने कहा कि वर्धा में राज्य आरक्षित पुलिस बल का प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की उनकी इच्छा थी और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल से इस केंद्र की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है
मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मंजूरी प्रदान की, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. भोयर ने कहा कि इस प्रशिक्षण केंद्र से विदर्भ में पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही, वर्धा जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और बुनियादी सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। प्रशिक्षण क्षमता में वृद्धि होने से राज्य आरक्षित पुलिस बल को अधिक सक्षम एवं कार्यकुशल बनाने में भी मदद मिलेगी।