

Mira Bhayandar Workers Jobs Cases Pending: राज्य सरकार के स्पष्ट आदेश के बावजूद मीरा- भाईंदर मनपा में सफाई कर्मचारियों के वारिसों को उत्तराधिकार के आधार पर नौकरी देने से जुड़े 25 से अधिक मामले पिछले एक साल से लंबित होने का आरोप है।
भारतीय कामगार सेना ने मनपा आयुक्त राधाविनोद शर्मा को पत्र देकर मामलों का तत्काल निपटारा करने और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
राज्य सरकार ने लाड-पांगे समिति की सिफारिशों के आधार पर सफाई कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पात्र वारिसों को रोजगार देने का प्रावधान किया है। इसी व्यवस्था के तहत मीरा-भाईंदर मनपा में पिछले वर्ष कई वारिसों ने नियुक्ति के लिए आवेदन किए थे।
संगठन के अनुसार, इनमें से कुछ आवेदनों पर प्रशासन ने प्रक्रिया पूरी करते हुए नियुक्तियां भी की हैं। हालांकि, 25 से अधिक मामले अब भी लंबित बताए जा रहे हैं। इन मामलों में आवेदकों को नियुक्ति का इंतजार है। संगठन ने प्रशासन से लंबित आवेदनों की समीक्षा कर पात्र मामलों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
संगठन का दावा है कि सरकारी निर्देश के अनुसार आवेदन प्राप्त होने के एक महीने के भीतर प्रक्रिया पूरी की जानी थी, लेकिन कई मामलों में करीब एक साल से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मनपा में कुछ पद रिक्त होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं होने और आवेदकों को उनके मामलों की प्रगति की जानकारी नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
कर्मचारी संघ के एक पदाधिकारी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद अपने बेटे को वारिस के तौर पर नौकरी देने के लिए आवेदन किया है। यह मामला भी अन्य आवेदनों के साथ लंबित बताया जा रहा है।
मीरा- भाईंदर मनपा अधिकारियों के बीच मामलों को प्रतीक्षा सूची में रखने और नियुक्तियों में देरी को लेकर राजनीतिक दबाव की चर्चा होने का दावा किया गया है। संगठन ने प्रशासन से लंबित सभी मामलों पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है।