वर्धा में खराब सोयाबीन बीज मामला: बूस्टर कंपनी पर FIR, 17 सैंपल लैब टेस्ट में फेल
Booster Plant Genetics FIR: वर्धा जिले में खराब सोयाबीन बीजों के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ। बूस्टर प्लांट जेनेटिक्स प्रा। लि। के 17 बीज नमूने लैब टेस्ट में फेल पाए गए है।
- Written By: आंचल लोखंडे
खराब सोयाबीन बीज- फाइल फोटो-( सोर्सः सोशल मीडिया)
Wardha Farmers Complaint: बारा बुआई का संकट खड़ा हो गया है। सबसे अधिक शिकायतें बूस्टर प्लांट जेनेटिक्स प्रा. लि. के सोयाबीन बीजों को लेकर सामने आई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए देवली पंचायत समिति के बीज निरीक्षक एवं कृषि अधिकारी युवराज जंगले की शिकायत पर जालना स्थित कंपनी और उसके संचालक राहुल पुरमे (निवासी छत्रपति संभाजीनगर) के खिलाफ देवली पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
कृषि विभाग की जांच में सामने आया है कि जिलेभर में बूस्टर कंपनी के 17 बीज नमूने (सैंपल) प्रयोगशाला परीक्षण में फेल पाए गए हैं। खराब गुणवत्ता और कम अंकुरण क्षमता के कारण किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों का कहना है कि महंगे दामों पर ब्रांडेड बीज खरीदने के बावजूद फसल नहीं उगी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ दोबारा बुआई की चिंता सताने लगी है।
वर्धा में बूस्टर प्लांट जेनेटिक्स पर कार्रवाई
पहले से ही अनियमित बारिश के कारण किसान परेशान हैं और अब खराब बीजों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दूसरी ओर कंपनी ने कृषि अधीक्षक के नाम एक पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि किसानों द्वारा प्राप्त शिकायतों के निराकरण के लिए हम तैयार है। किसानों को बीजो के बैग का उचित मूल्य डील के जरिए दिया जाएगा। 10 जुलाई तक प्राप्त शिकायतों का निपटारा करने के लिए हम कटिबध्द है, ऐसा कहा गया।
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किसानों ने की 300 से अधिक शिकायतें
300 से अधिक शिकायतें, देवली में सबसे ज्यादा <B> कृषि विभाग को अब तक जिलेभर से 300 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें 181 शिकायतें अकेले देवली तहसील से मिली हैं। अन्य तहसीलों से भी लगातार शिकायतें आ रही हैं। विभागीय अधिकारी किसानों के खेतों का निरीक्षण कर फसलों की स्थिति का आकलन कर रहे हैं तथा संबंधित कंपनियों से जवाब भी तलब किया जा रहा है।
किसानों को दोबारा बुआई का संकट
अब तक प्राप्त शिकायतों में बूस्टर कंपनी से संबंधित 186, महाबीज की 21, इनोव्हेज की 15, यशोदा की 25, रवि सीड्स की 13 तथा अन्य कंपनियों के बीजों से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं। कृषि विभाग ने इनमें से 156 शिकायतों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है तथा संबंधित कंपनियों को शो-कॉज नोटिस जारी कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बीजों की अंकुरण क्षमता पर उठ रहे सवाल
देवली थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, बूस्टर प्लांट जेनेटिक्स प्रा. लि। द्वारा कम अंकुरण क्षमता वाले बीजों की बिक्री किए जाने से किसानों के साथ धोखाधड़ी हुई है। कृषि विभाग ने जांच के लिए बीजों के नमूने प्रयोगशाला भेजे थे। रिपोर्ट में गुणवत्ता नियंत्रण के तहत अंकुरण क्षमता निर्धारित मानकों से काफी कम पाई गई। विभागीय जानकारी के अनुसार, जिला परिषद स्तर पर लिए गए 14 तथा कृषि अधीक्षक कार्यालय स्तर पर लिए गए 3 कुल 17 बीज नमूने लैब परीक्षण में फेल पाए गए हैं।
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कंपनी के खिलाफ कोर्ट में केस दायर होगा: जाधव
जिला परिषद वर्धा के कृषि विकास अधिकारी शिवा जाधव ने बताया कि बूस्टर कंपनी के बीजों को लेकर सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। विशेष रूप से देवली तहसील में शिकायतों की संख्या अधिक होने के कारण कंपनी के खिलाफ देवली पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है। कंपनी को नोटिस जारी किया जा चुका है और उसके खिलाफ कोर्ट केस दायर करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
