नागपुर में FDA का बड़ा एक्शन: तुकाराम मुंढे के आदेश पर 3 नामचीन रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस रद्द, जानिए वजह

Nagpur Restaurant Licenses: नागपुर में FDA ने स्वच्छता व खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर 3 रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस रद्द कर दिए। जांच में किचन व परिसर में गंभीर खामियां मिलने के बाद यह कार्रवाई की।
Major FDA crackdown in Nagpur: Licenses of 3 renowned restaurants cancelled on Tukaram Mundhe's orders; find out the reason.
नागपुर, एफडीए, रेस्टोरेंट लाइसेंस रद्द, प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: एआई फोटो )
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Nagpur FDA Cancels Restaurant Licenses: नागपुर जिले में अन्न व औषध प्रशासन विभाग (एफडीए) ने स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 3 नामचीन रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस रद्द कर दिए। आयुक्त तुकाराम मुंढे के आदेश पर की गई एफडीए की इस बड़ी कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया।

शहर के होटलों और रेस्टोरेंट्स में खान-पान की शुद्धता और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए एफडीए ने यह बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नागपुर कार्यालय द्वारा चलाए गए इस विशेष जांच अभियान में जगदीशनगर, हजारी पहाड़ स्थित याराना फैमिली गार्डन रेस्टोरेंट्स, शॉप नं. 1, प्लॉट नं. 122, मोनार्क को-ऑप। सोसाइटी, फ्रेंड्स कॉलोनी, काटोल रोड स्थित इंडियन तंदूर और फेटरी, कलमेश्वर रोड स्थित द हट फैमिली रेस्टोरेंट एंड ढाबा नियमों का उल्लंघन करते पाए गए।

FDA का बड़ा एक्शन, 3 रेस्टोरेंट के लाइसेंस रद्द

एफडीए की विशेष टीम द्वारा की गई गहन जांच के दौरान इन तीनों रेस्टोरेंट्स के किचन और परिसर में आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली गंभीर लापरवाही पाई गई जिसके चलते एफडीए ने सख्ती दिखते हुए इन तीनों रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एफडीए द्वारा जिन रेस्टोरेंट के लाइसेंस रद्द किए गए है उनमें द हट फैमिली रेस्टोरेंट राजेश छोटेलाल यादव का है। वहीं दूसरा इंडियन तंदूर रेस्टोरेंट राघवेंद्र देवेंद्र सिंह का है और याराना फैमिली रेस्टोरेंट संतोष दरोगा सिंह का है।

एफडीए ने लाइसेंस रद्द करके इन रेस्टोरेंट्स मालिकों को नोटिस भी जारी कर दिए हैं। यह पूरी कार्रवाई नागपुर संभाग के संयुक्त आयुक्त (खाद्य) सचिन केदारे और सहायक आयुक्त (खाद्य) अ।सु। सदार के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी कि।रं। गेडाम, अ।या। सोनटक्के और कि।शि। सोनेवाने की टीम द्वारा की गई।

जांच में पाई गईं कई गंभीर लापरवाही

रेस्टोरेंट्स के किचन और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में बड़े पैमाने पर कॉकरोच का भारी प्रकोप पाया गया। नियमों को ताक पर रखकर डीप फ्रीजर के भीतर शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को एक साथ मिलाकर स्टॉक किया गया था। किचन में भोजन तैयार करने और उसे संभालने वाले कर्मचारियों की कोई चिकित्सकीय जांच नहीं कराई गई थी और न ही उनका कोई मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध था।

इन तीनों ही प्रतिष्ठानों में नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल करने का कोई भी आधिकारिक दस्तावेज या अभिलेख मौजूद नहीं था।

ये रेस्टोरेंट्स भोजन चनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच से जुड़ी प्रयोगशाला की 'फिटनेस रिपोर्ट' टीम के सामने प्रस्तुत नहीं कर सके।

जांच के दौरान किचन सीधे बाहर की तरफ खुला पाया गया जिससे धूल, मिट्टी और हानिकारक कीडों के सीधे अंदर प्रवेश करने की पूरी आशंका थी, साथ ही उचित वेंटिलेशन न होने के कारण धुएं से किचन की दीवारें और छत पूरी तरह काली पड़ चुकी थी।

रेस्टोरेंट के मुख्य दर्शनीय हिस्से में अनिवार्य रूप से लगाया जाने वाला लाइसेस प्रमाणपत्र प्रदर्शित नहीं किया गया था।

खाना बनाने वाले कर्मचारी सिर पर टोपी या एप्रन पहने बिना ही काम करते पाए गए।

कमियां दूर होने तक बंद रहेंगे रेस्टोरेंट्स

इन सभी गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन (एफडीए) ने सख्ती से इन तीनों रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। एफडीए के अनुसार जब तक कि यह तीनों रेस्टोरेंट्स इन सभी त्रुटियों और कमियों को पूरी तरह से सुधार नहीं लेते हैं तब तक इनका लाइसेंस रद्द रहेगा और यह प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।

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