महाराष्ट्र परिवहन विभाग शुरू करेगा 24x7 व्हॉट्सऐप चैटबॉट सेवा, आरटीओ जानकारी होगी आसान

Maharashtra RTO जल्द ही 24x7 व्हॉट्सऐप चैटबॉट सेवा शुरू करने जा रहा है। इसके जरिए नागरिक वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, कर भुगतान और चालान जैसी सेवाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे।
Whatsapp Chatbot
वॉट्सअप चैटबॉट (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra RTO Whatsapp Chatbot: राज्य के वाहनधारकों को परिवहन सेवाओं से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए परिवहन विभाग जल्द ही 24x7 व्हॉट्सऐप आधारित चैटबॉट सेवा शुरू करने जा रहा है।

इस डिजिटल सेवा के जरिए नागरिक वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन कर, नवीनीकरण और चालान जैसी सेवाओं की जानकारी सीधे अपने मोबाइल फोन पर प्राप्त कर सकेंगे। इस परियोजना पर करीब 2.36 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसकी राशि सड़क सुरक्षा निधि से दी जाएगी।

39 जिलों में 60 क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय कार्यालय

राज्य के 39 जिलों में लगभग 60 क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) कार्यरत हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग विभिन्न सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। कई बार सामान्य जानकारी के लिए भी नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं या अलग-अलग वेबसाइटों पर निर्भर रहना पड़ता है।

अब घर बैठे देख सकेंगे आवेदन की स्थिति

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने व्हॉट्सऐप चैटबॉट विकसित करने का निर्णय लिया है। इस चैटबॉट के माध्यम से नागरिक वाहन और लाइसेंस से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, आवेदन प्रक्रिया की पूरी मार्गदर्शिका देख सकेंगे और अपने आवेदन की स्थिति भी घर बैठे ट्रैक कर सकेंगे। इसके अलावा लोग अपनी शिकायतें भी दर्ज करा सकेंगे, जिनका निस्तारण विभाग की ओर से किया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि वाहन से जुड़ी अधिकतम सेवाएं नागरिकों को डिजिटल और सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराई जाए। व्हॉट्सऐप चैटबॉट इसी दिशा में एक अहम कदम है। -राजेश नार्वेकर, राज्य परिवहन आयुक्त

चैटबॉट से चलाया जाएगा सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान

चैटबॉट के जरिए सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। इसमें हेलमेट और सीटबेल्ट के उपयोग को लेकर संदेश, इलेट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से जुड़ी जानकारी, रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट और वैकल्पिक मार्गों के सुझाव भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

आपात स्थिति जैसे दुर्घटना, बाढ़ या अन्य आपदा के दौरान भी यह प्रणाली नागरिकों को तुरंत अलर्ट और आवश्यक मार्गदर्शन दे सकेगी। विभाग का मानना है कि इस प्लेटफॉर्म से मिलने वाले डेटा के आधार पर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़ी नीतियां बनाने में भी मदद मिलेगी।

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