

Wardha Police Digital Criminal Monitoring: वर्धा जिला पुलिस द्वारा दो या उससे अधिक आपराधिक मामलों (2+) में शामिल अपराधियों पर प्रभावी निगरानी और समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के लिए शुरू की गई 'प्रोजेक्ट सतर्क' डिजिटल प्रणाली के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस पहल के तहत अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस तैयार कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, जिससे गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से शुरू की गई इस डिजिटल प्रणाली में दो या अधिक मामलों में आरोपित अपराधियों का अद्यतन रिकॉर्ड अलग-अलग श्रेणियों में तैयार किया गया है। इसमें शरीर के विरुद्ध अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध, एनडीपीएस से जुड़े अपराध, अवैध शराब कारोबार तथा अन्य श्रेणियों के अपराधियों की अलग अलग सूची बनाई गई है। इससे उनकी आपराधिक प्रवृत्ति के आधार पर समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करना आसान हुआ है।
1 जनवरी से 30 जून 2026 के दौरान इस प्रणाली के माध्यम से महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 55, 56 और 57 के तहत जिले के 19 पुलिस थानों में कार्रवाई की गई, धारा 55 के तहत 2.धारा 56 के तहत 91 तथा धारा 57 के तहत 9 प्रस्तावों पर कार्रवाई की गई।
वर्तमान में धारा 55 के तहत 12 तथा धारा 56 के तहत 6, कुल 18 अपराधियों को जिले से तडीपार किया जा चुका है, जबकि अन्य प्रस्तावों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है, इसके अलावा जिले के सभी 19 पुलिस थानों में बीएनएसएस की धारा 129 के तहत 358 तथा धारा 126 के तहत 3,228 प्रस्तावों पर कार्रवाई चल रही है। वहीं अवैध शराब कारोबार और अन्य गंभीर गतिविधियों में शामिल 5 खतरनाक अपराधियों को एमपीडीए अधिनियम के तहत निरुद्ध कर जेल भेजा गया है।
पुलिस ने संगठित अपराध पर भी कार्रवाई तेज करते हुए मकोका, 1999 के तहत संगठित रूप से अपराध करने वाले 4 गिरोहों के 14 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की है। इसका उद्देश्य संगठित अपराध, वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और
हिंसक वारदातों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
पुलिस के अनुसार, डिजिटल प्रणाली के कारण पूरा डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध होने से अपराधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई संभव हुई है। इसके परिणामस्वरूप । जनवरी से 30 जून 2026 तक वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
हत्या के मामलों में 31.25 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 16 प्रतिशत, लूट में 72.72 प्रतिशत, घरफोड़ियो में 24.17 प्रतिशत, चोरी के मामलों में 11.56 प्रतिशत तथा मारपीट एवं चोट पहुंचाने के मामलों में 5.25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
वर्धा जिला पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी 'प्रोजेक्ट सतर्क के माध्यम से दो या अधिक मामलों में शामिल अपराधियों पर समय रहते कड़ी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई जारी रखकर जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।