

Nagpur Politics Shiv Sena UBT: शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राऊत ने सत्तारूढ़ नेताओं पर तीखा हमला बोला है। राम रक्षा पाठ के मुद्दे पर विपक्ष को घेरे जाने पर पलटवार करते हुए राऊत ने कहा, 'राम रक्षा पाठ आता है या नहीं, यह पूछने के बजाय सत्ता पक्ष को अयोध्या राम मंदिर के दान में हुए 5,500 करोड़ रुपये के कथित घोटाले पर चर्चा करनी चाहिए।'
राऊत ने स्पष्ट किया कि नागपुर में शनिवार को होने वाले कार्यक्रम के स्वरूप में बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे की कोई जनसभा नहीं होगी बल्कि रामनगर मंदिर परिसर के पास सड़क पर 'राम रक्षा आंदोलन' और महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के आगमन के बाद तय की जाएगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन की तैयारियों पर तंज कसते हुए राऊत ने कहा कि आजकल रामायण की प्रतिष्ठा से ज्यादा जन्मदिन मनाने को महत्व दिया जा रहा है। निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन विधेयक पर स्थिति साफ की राऊत ने उन चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि शिवसेना (ठाकरे गुट) और एनसीपी (शरद पवार गुट) निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन विधेयक का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने इसे भाजपा और शिंदे गुट द्वारा फैलाई गई 'अफवाह' करार दिया।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में होने वाले 'राम रक्षा आंदोलन की तैयारियों को पुख्ता करने के लिए शिवसेना नेता और विधान परिषद के पूर्व विपक्ष के नेता अंबादास दानवे 16 और 17 जुलाई को विदर्भ के दौरे पर रहेंगे।
इस दौरान वे भंडारा, गोंदिया, गड़चिरोली, चंद्रपुर और वर्धा जिलों में शिवसैनिकों के साथ बैठके कर आंदोलन की रणनीति और जिम्मेदारियों का बंटवारा करेंगे। इस मुद्दे पर शनिवार, 18 जुलाई को शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में 'राम रक्षा आंदोलन' और भव्य 'राम रक्षा महाआरती' का आयोजन किया गया है।
सुप्रिया सुले से बातचीत उन्होंने कहा कि सुप्रिया सुले से फोन पर चर्चा की है और वे भी इस तरह की भ्रामक खबरों से हैरान हैं। जल्द ही महाविकास आघाड़ी इस पर अपनी विस्तृत भूमिका स्पष्ट करेगी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता जयंत पाटिल के दल-बदल की अटकलों को भी उन्होंने पूरी तरह निराधार बताया, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की हालिया मुलाकात पर भी राऊत ने निशाना साधा। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या देश में वाकई कानून का राज है।