समय रहते प्रस्ताव आया तो गठबंधन संभव…डॉ भोयर का बड़ा बयान, भाजपा से नहीं आया कोई रिस्पांस
Wardha Municipal Elections: वर्धा में 6 नगर पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा की तैयारी तेज, गठबंधन पर अभी फैसला नहीं। उम्मीदवारों की घोषणा पार्टी अनुमति के बाद होगी।
- Written By: प्रिया जैस
मंत्री पंकज भोयर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Dr Pankaj Bhoyar Statement: वर्धा जिले के 6 नप के चुनाव के संदर्भ में गठबंधन में शामिल किसी भी दल की और से गठबंधन को लेकर प्रस्ताव नहीं आया है। केवल शिवसेना के साथ अनौपचारिक चर्चा हुई थी। भाजपा से सभी जगह पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी की है, परंतु समय रहते शिवसेना शिंदे गुट व राकां अजित पवार गुट की और से प्रस्ताव आया तो उस पर विचार किया जाएगा, ऐसी जानकारी जिले के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने दी।
जिले के वर्धा, हिंगनघाट, आर्वी, पुलगांव, देवली व सिंदी रेलवे नप का चुनाव होने वाला है। 6 नप की 166 सीटों व नगराध्यक्ष पद के प्रत्याशी अब तक भाजपा की और से घोषित नहीं किये गये है। इस संदर्भ में पालकमंत्री डॉ. भोयर ने बताया कि, सहयोगी दल से गठबंधन को लेकर पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की राय जानी गई। पार्टी की ओर चुनाव लड़ने वाली संभावित प्रत्याशियों की सूची बनाकर पार्टी की और भेजी गई है।
किसे मिलेगी टिकट?
पार्टी की अनुमति मिलने के उपरांत नगराध्यक्ष समेत प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाएंगे। शिवसेना की और से गठबंधन को लेकर चर्चा चर्चा हुई थी। परंतु उन्होंने अधिक सीटों की मांग की थी। यह चर्चा अनौपचारिक तौर पर हुई थी। उल्लेखनीय है कि, नामाकंन भरने की अंतिम तिथि सोमवार है। परंतु अब तक भाजपा ने अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित नहीं करने के कारण किसे टिकट मिलेगा, इस और सब की नजरें टिकी।
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बीते दो दिनों से पालकमंत्री व विधायक समीर कुणावार, सुमित वानखेडे, राजेश बकाणे व दादाराव केचे अपने क्षेत्र में डेरा जमाए हुए। इच्छुक प्रत्याशियों के साथ उनकी चर्चा शुरू है। पार्टी की और से संभाव्य प्रत्याशियों नामांकन भरने की तैयारी में रहने के आदेश दिये गये है।
भाजपा ने नहीं दिया रिस्पांस
शिवसेना के लोकसभा संगठक रविकांत बालपांडे ने बताया कि वर्धा नप के गठबंधन को लेकर पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर के साथ चर्चा हुई थी। परंतु उन्होंने स्पष्ट शब्द में बात को ठुकरा दिया। राज्य की सत्ता में पार्टी गठबंधन में होने के कारण गठबंधन का प्रस्ताव दिया गया था। शिवसेना सीटों को लेकर समझौता कर सकती थी। हम केवल 5 से 7 सीटें चाहते थे।
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जहां भाजपा के नगरसेवक नहीं थे, किंतु पालकमंत्री ने पार्टी में टिकट मांगने वालों की संख्या अधिक होने का कारण देते हुए गठबंधन से इनकार किया। पार्टी ने 15 प्रभागों की सूची फाइनल की है। शेष प्रभागों की सूची शीघ्र ही फाइनल होगी। चुनाव की समीक्षा करने के लिए वरिष्ठ नेता मनीषा कायंदे शहर में आ रही है। पार्टी सभी प्रभाग के साथ नगराध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेगी, ऐसा बालपांडे ने बताया।
भाजपा को बगावत का डर
- भाजपा के और से सीट मांगने के लिए अनेक इच्छुक होने के कारण इस बार दावेदारों की संख्या बढ़ गई है।
- पार्टी बगावत टालने के लिए अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करने में देरी कर रही है, ऐसा सूत्रों ने बताया।
- प्रत्याशियों की घोषणा के बाद जिन्हें टिकट नहीं मिला हैं वे बागी तेवर अपना सकते है।
- या फिर अन्य पार्टी का दामन थाम सकते है, ऐसा डर भाजपा को है।
