पैसे बांटकर वोट लेना चुनाव नहीं, शरद पवार ने NDA की जीत पर उठाए सवाल, फडणवीस ने दिया मुंहतोड़ जवाब

Sharad Pawar Bihar Elections: शरद पवार ने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव से पहले महिलाओं को 10,000 रुपये दिए गए। फडणवीस बोले - जो जीता वही सिकंदर, योजना में कुछ गलत नहीं।
Sharad Pawar Bihar Elections: शरद पवार ने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव से पहले महिलाओं को 10,000 रुपये दिए गए। फडणवीस बोले - जो जीता वही सिकंदर, योजना में कुछ गलत नहीं।
शरद पवार और देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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NDA Historic Win Controversy: राकां अध्यक्ष शरद पवार ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली ऐतिहासिक जीत पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे कई लोगों से ऐसी रिपोर्ट मिली है कि बिहार में बीजेपी और नीतीश कुमार की सरकार ने चुनाव से ठीक पहले महिलाओं को 10,000 रुपये दिए और इसीलिए उन्हें बड़ी जीत हासिल हुई है।

इसी तरह महाराष्ट्र में भी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री लाडली बहाना योजना के तहत पैसे बाटे गए थे। केंद्रीय चुनाव आयोग को इस बात का संज्ञान लेना चाहिए कि क्या इस तरह इलेक्शन से ठीक पहले कैश बेनिफिट योजना को लागू करना सही है या नहीं। इस तरह पैसे बांट कर बोट लेना चुनाव का सही तरीका नहीं हो सकता है।

कैश बेनिफिट की तरह इस्तेमाल

शरद पवार ने इस बात को लेकर चिंता जताई है कि भविष्य में अन्य राज्यों की सरकारें भी चुनाव जीतने के लिए इस तरह की कैश बेनिफिट स्कीम का इस्तेमाल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने 1,500 रुपये डालने की स्कीम शुरू की गई थी। अगर सत्तारूढ़ दल चुनावों में भी इसी तरह का तरीका अपनाते हैं, तो इससे लोगों का चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा कम हो रहा है।

जो जीता वही सिकंदर : CM

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को बिहार में मिली हार पर बहाने बनाने की जगह आत्ममंथन करना बहिए, जो जीता वही सिकंदर। विपक्ष को हार स्वीकार करना आना चाहिए, बिहार में एनडीए सरकार ने महिलाओं को रोजगार देने के लिए एक विशेष योजना के तहत 10 हजार की आर्थिक सहायता दी है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है, जब महाराष्ट्र में मंथिआ सरकार थी, तो उन्होंने ऐसी योजना वर्षा नहीं लाई। हम लाडली बहना योजना लाए। इसे महिलाओं ने पसंद किया और हमें बाँट दिया, जनता पर दोष मढ़ना सही नहीं है।

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