वर्धा में रोजाना 25 टन कचरे का संग्रहण, इंझापुर यार्ड में हो रही प्रोसेसिंग और खाद निर्माण
Organic Compost From Waste: वर्धा नप द्वारा रोज 25 टन कचरा जमा कर इंझापुर यार्ड में प्रोसेस किया जा रहा है। 20 घंटागाड़ियों और 3 एजेंसियों की मदद से गीले कचरे से जैविक खाद बन रही है।
- Written By: केतकी मोडक
इंजापुर डंपिंग यार्ड (सोर्स - फोटो नवभारत)
Wardha Waste Management Project: वर्धा नगर पालिका द्वारा शहर में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से प्रतिदिन कचरे का संग्रहण किया जा रहा है। नगर पालिका के अनुसार, शहर से रोजाना लगभग 25 टन कचरा एकत्र किया जाता है, जिसे इंझापुर स्थित डंपिंग यार्ड में ले जाकर वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाता है।नगर प्रशासन का कहना है कि कचरे के उचित प्रबंधन के साथ-साथ उससे जैविक खाद का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है।
तीन एजेंसियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
कचरा प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका ने निविदा प्रक्रिया के माध्यम से तीन अलग-अलग एजेंसियों की नियुक्ति की है। इन एजेंसियों को कचरा संग्रहण एवं परिवहन, फैब्रिकेशन कार्य और बायोमाइनिंग जैसी प्रक्रियाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।नगर पालिका के अनुसार सभी एजेंसियों ने अपना कार्य शुरू कर दिया है और कचरे के वैज्ञानिक निपटान की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
गीले और सूखे कचरे का किया जाता है पृथक्करण
वर्धा शहर के प्रत्येक घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाता है। इसके लिए 20 घंटागाड़ियों की व्यवस्था की गई है, जो नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कचरा संग्रहण का कार्य कर रही हैं।
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एकत्रित कचरे को इंझापुर यार्ड में पहुंचाकर उसका वर्गीकरण किया जाता है। यहां गीले और सूखे कचरे को अलग करने के साथ-साथ बायोमाइनिंग प्रक्रिया भी संचालित की जा रही है। आधुनिक मशीनों की मदद से कचरे के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
वर्धा नगर पालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क किनारे कचरा फेंकने के बजाय उसे सीधे घंटागाड़ियों में दें। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से शहर की सुंदरता प्रभावित होती है और बारिश के मौसम में सड़ता हुआ कचरा दुर्गंध व बीमारियों का कारण बन सकता है।
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स्वच्छ और सुंदर वर्धा बनाने पर जोर
नगर पालिका प्रशासन का मानना है कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है और स्वच्छ एवं सुंदर वर्धा के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया जा रहा है।
