वर्धा नगर परिषद तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Wardha Municipal Council Scam News: लेखापाल रहते समय अपने कार्यकाल में सरकारी निधि में धांदली करते हुए 17 लाख 40 हजार 215 रुपये का अपहार किया। इस प्रकरण में निलंबित किये गए कनिष्ठ लिपिक आशिष गायकवाड के खिलाफ शहर थाने में मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण में वर्धा नप के वर्तमान लेखापाल स्वप्नील तुमडाम ने मुख्याधिकारी के निर्देश पर शहर थाने में शिकायत दर्ज की थी।
इसमें कहा गया कि आशिष गायकवाड को 10 फरवरी 2026 को कनिष्ठ लिपीक पद से निलंबित किया गया है। उनपर पर सरकारी निधि में अपहार का आरोप था। आशिष गायकवाड अगस्त 2015 से नप में कनिष्ठ लिपीक के रुप में कार्यरत थे। पांच वर्ष पहले उनपर लेखापाल की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
परंतु उन्होंने 23 नवंबर 2023 से 28 सितंबर 2025 के दौरान हर साल प्राप्त चलान की राशी बैंक में जमा करना चाहिए था। परंतु गायकवाड इन्होंने ऐसा नहीं किया, रोखपाल द्वारा दिये गए आईडीबीआई बैंक व बैंक ऑफ इंडिया के स्टेटमेन्ट में भारी गड़बड़र उजागर हुई है।
लगभग 17 लाख 40 हजार 215 रुपये का अपहार सामने आया। इस संदर्भ में जांच समिति ने आशिष गायकवाड के खिलाफ एक रिपोर्ट भी पेश की। इसके आधार पर तीन दिन के भीतर उन्हें जवाब पेश करने को कहा गया, किन्तु गायकवाड ने कोई प्रतिसाद नहीं दिया।
ये भी पढ़ें:- वर्धा के सेलू में तेंदुए का हमला, रेस्क्यू के दौरान दो लोग घायल, इलाज के दौरान मादा तेंदुए की मौत
अंततः महाराष्ट्र नागरी सेवा (अनुशासन व अपील) नियम 1979 व महाराष्ट्र नागरी सेवा (वर्तणूक) नियम 1979 के तहत लापरवाही बरतने, आर्थिक अनियमितता, सरकारी निधि का अपहार आदि को ध्यान में रखते हुए पुलफैल निवासी वर्धा नप के कनिष्ठ लिपीक आशिष भीमराव गायकवाड के खिलाफ वर्धा शहर पुलिस ने विभिन्न धाराओ के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।