वर्धा न्यूज
Wardha News: वर्धा शहर से सटे पिपरी (मेघे) सहित 14 गांवों के लिए प्रादेशिक जलापूर्ति योजना शुरू है। उक्त योजना में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजिप्रा) के अपने ग्राहक हैं। ऐसे में जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत बड़ी मात्रा में नए व अतिरिक्त नल कनेक्शन दिए गए हैं। परंतु यह प्रणाली अपडेट न होने के कारण मजिप्रा आर्थिक संकट में घिर गई है।
पर्याप्त मात्रा में पानीपट्टी टैक्स वसूल न होने से मजिप्रा का राजस्व डूब रहा है। इसी वजह से अतिरिक्त कनेक्शनों को ध्यान में रखते हुए मजिप्रा ने जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग से 5 करोड़ 39 लाख रुपये की दायित्व राशि की मांग की है। हालांकि कई माह बीतने के बाद भी उक्त राशि अब तक मजिप्रा को प्राप्त नहीं हुई है। इससे मजिप्रा पर आर्थिक बोझ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
बताया जाता है कि जलापूर्ति योजना अंतर्गत 14 गांवों में लगभग 39 हजार नल कनेक्शन हैं। इनमें से 22 हजार नल कनेक्शनों का पंजीयन महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के पास है, जबकि 17 हजार नल कनेक्शनों का पंजीयन शेष है। जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत क्षेत्र में लगभग 12 हजार नल कनेक्शन दिए जाने की जानकारी दी गई है।
इनमें से केवल 3 हजार कनेक्शन ही अपडेट बताए गए हैं। आज भी 9 हजार नल कनेक्शन अपडेट नहीं होने से पानीपट्टी टैक्स की वसूली सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। ये अतिरिक्त 9 हजार नल कनेक्शन मजिप्रा के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं।
इसी कारण मजिप्रा पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ गया है। दूसरी ओर, सभी 14 गांवों में जलापूर्ति सेवा पर भी इसका असर पड़ रहा है। अतिरिक्त नल कनेक्शनों के टैक्स की वसूली की जिम्मेदारी जिला परिषद प्रशासन को उठानी चाहिए, ऐसा मत व्यक्त किया जा रहा है।
परिणामस्वरूप मजिप्रा ने मार्च 2025 में जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग से दायित्व राशि के रूप में 5 करोड़ 39 लाख रुपये की मांग की है। इस संबंध में शासन स्तर पर प्रक्रिया शुरू है। आर्थिक वर्ष समाप्त होने में अब कम समय शेष है, लेकिन अब तक जिला परिषद से उक्त राशि मजिप्रा को प्राप्त नहीं हुई है।
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जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत अतिरिक्त कनेक्शन दिए गए हैं। अधिकांश कनेक्शन अपडेट नहीं होने से पानीपट्टी टैक्स वसूली में परेशानी हो रही है। इसी कारण जिप से दायित्व राशि के रूप में 5.39 करोड़ रुपये की मांग की गई है, लेकिन अब तक राशि प्राप्त नहीं हुई है।
मजिप्रा की ओर से राशि की मांग की गई है। शासन स्तर पर प्रयास शुरू हैं। जलापूर्ति योजना में शामिल ग्राम पंचायतों को सूचना दी गई है कि वे अपने क्षेत्र के ग्राहकों से पानीपट्टी टैक्स वसूल कर महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के पास जमा करें।