प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Wardha Irrigation Department: वर्धा सिंचाई विभाग की ओर से जिले की स्थानीय स्वराज्य संस्था, सरकारी व निजी कंपनियों को पानी उपलब्ध किया जाता है। सरकार द्वारा इसके दर निर्धारित किए गए है। जिसके तहत पानी का टैक्स चुकाना पड़ता है। आर्थिक 2025-26 समाप्त होते आ रहा है। ऐसे में 32 करोड़ 91 लाख 21 हजार रुपए पानी का बकाया होने की जानकारी सामने आयी है। निरंतर सूचना के बावजूद टैक्स भरने में उदासीन रवय्या अपनाने से बकाया रकम बढ़ते ही जा रही है।
स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को नागरिकों की पयजल आपूर्ति करने तथा निजी एवं सरकारी उद्योगों को पानी की सख्त जरूरत होती है। उनकी यह पानी की जरूरत स्थानीय सिंचाई विभाग द्वारा पूर्ण की जाती है। सरकार ने इसके लिए पानी के दर निधर्धारित किए है। विभाग के अंतर्गत विविध सरकारी व निजी संस्थानों ने पानी के लिए वार्षिक समझौता किया है। किंतु, नियमित रूप से पानीपट्टी नहीं भरी जाती यह वास्तविकता सामने आयी है,
वर्धा नगर परिषद की ओर से प्रतिवर्ष बड़े पैमाने पर नागरिकों से पानीपट्टी वसूल की जाती है। फिर भी 8 करोड़ 32 लाख रुपए बकाया है। उसी प्रकार महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल 25 लाख 52 हजार, ग्रापं पवनार 6 लाख 26 हजार, ग्रामपंचायत आंजी 2 लाख 86 हजार, मानस एग्रो एन्ड इन्फ्रा जामनी 22 करोड़ 99 लाख 86 हजार,
जिलाधिकारी कार्यालय चंद्रपुर अंतर्गत में बिल्ट ग्रॉफिक्स पेपर मिल बल्लारशाह 58 लाख 39 हजार, होटल अरण्यक बोर धरण 57 हजार, विश्रामगृह बोर धरण 86 हजार, मत्स्य बिज केंद्र 3 लाख 69 हजार इन बड़े बकाया बकायाधारकों का समावेश है। जलसंपदा विभाग की ओर पानी का टैक्स वसूलने की चुनौती निर्माण हो गई है।
इन जलाशयों से दिया जा रहा पानी
वर्तमान समय में सिंचाई विभाग के अंतर्गत धाम प्रकल्प, मदन प्रकल्प, पोथरा प्रकल्प, बोर प्रकल्प तथा वेणा नदी से पानी उपलब्ध किया जा रहा है। जिसमें जीवन प्राधिकरण, एमआईडीसी, रेलवे विभाग, नगर परिषद, एवोनिथ मेटॅलिक्स लि। ग्रामपंचायत पवनार, ग्रामपंचायत आंजी, मानस एग्रो इंडस्ट्रीज एन्ड इनका लि., जिलाधिकारी कार्यालय चंद्रपुर मार्फत मे बिल्ड ग्रॉफिक्स पेपर मिल बल्लारशहा, नगर परिषद राजुरा, होटल अरण्यक बोरबांध, विश्राम गृह बोरबांध, मत्स्य बिज केंद्र इन संस्थानों का समावेश है इनमें से कुछ संस्थाएं नियमित रूप से पानी टैक्स अदा कर रही है।
| संस्थान का नाम | बकाया राशि |
| मानस एग्रो एन्ड इन्फ्रा, जामनी | 22 करोड़ 99 लाख 86 हजार |
| वर्धा नगर परिषद (WMC) | 8 करोड़ 32 लाख |
| बिल्ट ग्राफिक्स पेपर मिल, बल्लारशाह | 58 लाख 39 हजार |
| MIDC | 25 लाख 52 हजार |
| ग्रापं पवनार | 6 लाख 26 हजार |
| मत्स्य बीज केंद्र | 3 लाख 69 हजार |
| ग्रापं आंजी | 2 लाख 86 हजार |