वर्धा की वना नदी में डूबे पिता, बेटी समेत तीन; अवैध रेत उत्खनन से बने गहरे गड्ढों के कारण हुआ दर्दनाक हादसा
Wardha Wana River: वर्धा की वना नदी में पवित्र स्नान के दौरान पिता, पुत्री और एक अन्य किशोरी की डूबने से मौत हो गई। अवैध रेत उत्खनन से बने गहरे गड्ढों को हादसे की वजह बताया जा रहा है।
- Written By: रूपम सिंह
वर्धा वना नदी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Wardha Illegal Sand Mining News: अधिक मास के पवित्र अवसर पर पुण्य स्नान के लिए वना नदी पहुंचे पिता, उसकी बेटी और एक अन्य किशोरी की नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर में सामने आयी इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। हादसे के बाद शेडगांव आजदा गांव में मातम का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शेडगांव आजदा निवासी अतुल लक्ष्मण किनकर (45), उनकी बेटी रिद्धीमा अतुल किनकर (15) तथा गूंजन रमेश मेश्राम (15) मोटरसाइकिल क्रमांक एमएच 32 एएल 6539 से वना नदी परिसर में स्नान के लिए सुबह 9.30 बजे के दरमियान पहुंचे थे।
मोटरसाइकिल नदी पात्र परिसर में लगाने के बाद व हीं पर साथ में लाए हुए कपड़े रखकर तीनों नदी में उतरे, लेकिन पानी की गहराई का अंदाज नहीं लग पाने के कारण वे अचानक गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे। नदी परिसर में कोई नहीं होने के कारण बीच बचाव के लिए उन्हें किसी की सहायता नहीं मिल पाई, परिणामवश तीनों की डूबने से मौत हो गई।
सम्बंधित ख़बरें
Nagpur Weather: मौसम का डबल रोल, दिन में 41 डिग्री की झुलसाने वाली गर्मी, शाम को झमाझम बारिश और ओलों का अलर्ट
Maharashtra Weather: भीषण गर्मी के बीच बारिश की आस, विदर्भ में ओलावृष्टि की चेतावनी, जानें आपके शहर का हाल
River Rejuvenation: खाम नदी पुनर्जीवन परियोजना के मे आई गति, प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ नदी बनाने के दिए निर्देश
पुणे जहरीली शराब कांड की जांच CID के हवाले, पुणे पुलिस कमिश्नर ने की पुष्टि, क्या बेनकाब होगा बड़ा सिंडिकेट?
नागरिकों के अनुसार नदी के उस हिस्से में पानी ऊपर से सामान्य दिखाई देता है। लेकिन भीतर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। नदी पात्र में लंबे समय से बड़े पैमाने पर रेत उत्खनन किया जा रहा है। नावों के माध्यम से किए गए उत्खनन के कारण नदी में कई खतरनाक गहरे खड्डे बन गए हैं। संभवतः इन्हीं गड्डों में फंसने से तीनों बाहर नहीं निकल सके ऐसा कहां जा रहा है।
दोपहर के 12 बजने के बावजूद भी घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद गांव से कुछ व्यक्ति नदी किनारे पहुंचे व उन्होंने तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान मोटरसाइकिल व उसके पास तीनों के कपड़े दिखाई दिए। जिससे अनहोनी की आशंका बढ़ गई। ग्रामीणों ने तत्काल नदी में खोज शुरू की। पुलिस व नागरिकों को सूचना दी गई। वर्धा पुलिस व तैराकियों ने नदी पात्र में खोजबीन कर तीनों के शव पानी से बाहर निकाले।
अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाना जरूरी
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वना नदी में हो रहे वर्धा अवैध एवं अनियंत्रित रेत उत्खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए। लोगों का कहना है कि नदी में बने गहरे गड्ढे लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नदी सुरक्षा और रेत उत्खनन के मुद्दे को सामने ला दिया है।
यह भी पढ़ें:- नागपुर का सबसे लंबा फ्लाईओवर फिर लेट: रेलवे ब्लॉक और डिजाइन बदलाव बने बड़ी बाधा, जून 2026 तक पूरा होने पर सवाल
किनकर परिवार पर टूट पड़ा दुखों का पहाड़
यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही समुद्रपुर और हिंगनघाट पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उक्त घटना से पूरे गाव में शोक का माहौल है। एक ही परिवार से पिता और बेटी की मौत होने से किनकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं कम उम्र में गूजन मेश्राम की मौत ने गांव को झकझोर कर रख दिया।
