वर्धा स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर, मानसून पूर्व जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष तैयारी
Wardha Health Department: वर्धा में मौसम बदलते ही स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित व संक्रामक बीमारियों के बचाव के लिए मानसून पूर्व उपाय शुरू कर दिए हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं।
- Written By: केतकी मोडक
वर्धा स्वास्थ्य विभाग प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Wardha Health Department Preparedness: वर्धा जिले में अभी तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है, लेकिन मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और बढ़ी उमस का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए मानसून पूर्व प्रतिबंधात्मक उपाययोजनाएं शुरू कर दी हैं। ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों के बीडीओ तथा तहसील स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 183 उपकेंद्र तथा 4 शहरी स्वास्थ्य केंद्र आते हैं। इन सभी संस्थानों में जलजनित बीमारियों से निपटने के लिए आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। वहीं जिला अस्पताल, दो उपजिला अस्पताल तथा नौ ग्रामीण अस्पतालों में भी आवश्यक संसाधन और औषधियां उपलब्ध रखी गई हैं।
सभी चिकित्सा अधिकारियों को वर्षा ऋतु के दौरान मुख्यालय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में जिले में सर्दी, खांसी, बुखार, दस्त और पेट दर्द जैसी मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 700 से 800 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
परसेंटेज के खेल में अटका हैं विकास.. राज ठाकरे की कोंकण के लोगों को चेतावनी, बोले- परियोजनाओं में बनें पार्टनर
चंद्रपुर मनपा में कोरम को लेकर सियासी खींचतान, धानोरकर गुट पड़ा अलग-थलग, नए गठजोड़ की चर्चा तेज
अमरावती में बारिश ने फिर दिया झटका, कई तहसीलों में सामान्य से कम बारिश, खरीफ फसलों को लेकर किसान चिंतित
अमरावती में राहुल रावेकर हत्याकांड का खुलासा, 550 मोबाइल नंबरों से मिला अहम सुराग
इन उपायों पर दिया जा रहा जोर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दैनिक सर्वेक्षण, संवेदनशील गांवों की पहचान, पेयजल गुणवत्ता की जांच, नालों की नियमित सफाई, संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की स्थापना, आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सर्वेक्षण, आश्रम स्कूलों का निरीक्षण तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यह भी पढ़ें:- नागपुर के दिघोरी रोड पर रफ्तार का कहर! ट्रैवल्स बस ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, एक युवक की मौत; 2 घायल
स्थिति से निपटने तहसील में 9 तत्काल प्रतिक्रिया दल गठित
आपदा एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए तहसील स्तर पर 8 और जिला स्तर पर 1, इस प्रकार कुल 9 त्वरित प्रतिक्रिया दल (रैपिड रिस्पॉन्स टीम) गठित किए गए है। सभी 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रामक रोग नियंत्रण हेतु विशेष चिकित्सा दल भी तैयार रखे गए हैं।
दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
वर्धा जिला परिषद वर्षा DHO डॉ. स्वप्नील बेले ने कहा है कि “बारिश के मौसम में जलजनित बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए है।”
