65 ठेकेदारों पर गिरी गाज! फर्जी प्रमाणपत्र मामले में GLO की बड़ी कार्रवाई, नकली मुहरों का इस्तेमाल

Wardha Fake Certificate Case: वर्धा जिले में गवंडी श्रमिकों के पंजीयन में फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने पर 65 ठेकेदारों को GLO कार्यालय ने नोटिस जारी किए।
Wardha Fake Certificate Case: वर्धा जिले में गवंडी श्रमिकों के पंजीयन में फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने पर 65 ठेकेदारों को GLO कार्यालय ने नोटिस जारी किए।
फर्जी प्रमाणपत्र (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Labour Department News: वर्धा जिले में पंजीकृत राजमिस्त्री (गवंडी) एवं निर्माण श्रमिकों की संख्या लगभग 60 हजार के आसपास हैं। इन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ सरकारी श्रम अधिकारी कार्यालय के माध्यम से दिया जाता है। हर वर्ष इन श्रमिकों को अपना पंजीयन का नवीनीकरण कराना होता है।

इसके लिए जिस ठेकेदार के पास श्रमिक कार्यरत है, उस ठेकेदार द्वारा 90 दिनों के कार्य का प्रमाणपत्र संलग्न करना अनिवार्य होता है। लेकिन फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप में जिले के 65 ठेकेदारों को सरकारी श्रम अधिकारी (जीएलओ) कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।

प्रमाणपत्रों के जांच के निर्देश

गवंडी श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर जिले में बड़ी संख्या में दलाल और एजेंट सक्रिय हो गए हैं। इनके द्वारा श्रमिकों को फर्जी प्रमाणपत्र दिए जाने की जानकारी अपर श्रम आयुक्त के संज्ञान में आने के बाद, जिला स्तर के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए ठेकेदारों द्वारा दिए गए प्रमाणपत्रों की सत्यता की जांच करने के निर्देश दिए गए। इन्हीं निर्देशों के आधार पर पंजीयन अधिकारी सचिन ज्ञा. अरबट और रीना अ. पोराटे द्वारा कार्रवाई की गई। इस विशेष जांच अभियान के दौरान कई प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। इसके चलते वर्धा जिले के 65 ठेकेदारों, दलालों और एजेंटों को सरकारी श्रम अधिकारी कार्यालय की ओर से सीधे नोटिस जारी किए गए हैं।

बरती जा रही गोपनीयता

नोटिस प्राप्त करने वाले 65 व्यक्तियों के नामों को लेकर कार्यालय द्वारा गोपनीयता बरती जा रही है। हालांकि, विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इनमें कुछ बड़े ठेकेदार और स्वयं को प्रतिष्ठित नागरिक बताने वाले लोग भी शामिल हैं। प्रशासनिक स्तर पर इस संदर्भ में कार्रवाई शुरू है।

नकली मुहरों का भी इस्तेमाल

जांच में 90 दिनों के फर्जी कार्य प्रमाणपत्र पाए गए हैं। यही कारण है कि संबंधितों को नोटिस जारी किए गए। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों ने तो फर्जी हस्ताक्षर, नकली मुहरों का भी इस्तेमाल किया है। ऐसे में यह मामला आगे किस दिशा में जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

श्रम आयुक्त को मिली थी शिकायतें

वर्धा जिले में गवंडी निर्माण श्रमिकों के पंजीयन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शासकीय योजनाओं का लाभ लिए जाने की शिकायत अपर श्रम आयुक्त को मिली थी। इसके बाद जांच के निर्देश दिए गए। जांच में कुछ फर्जी प्रमाणपत्र पाए जाने पर पंजीयन अधिकारी सचिन ज्ञा. अरबट और रीना अ. पोराटे द्वारा संबंधितों को नोटिस जारी किए गए हैं।

  • सीमा शिंदे, सरकारी श्रम अधिकारी, वर्धा
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