वर्धा में साइबर क्राइम सिंडिकेट का भंडाफोड़, म्यूल खातों से 1.98 करोड़ का लेनदेन, 5 आरोपियों पर केस दर्ज

Wardha Cyber Fraud Syndicate: महाराष्ट्र के वर्धा में साइबर पुलिस ने कथित साइबर क्राइम सिंडिकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने माधव नानवानी सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
wardha cyber crime syndicate mule accounts 1 98 crore transactions
वर्धा साइबर ठगी सिंडिकेट(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • स्थानीय साइबर पुलिस ने दयालनगर निवासी माधव नानवानी से जुड़े कथित साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

  • अकोला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की वर्धा शाखा में चार महिलाओं के नाम पर बैंक खाते खोले गए थे।

  • जांच में चार खातों में क्रमशः 70 लाख, 82 लाख, 22 लाख और 24 लाख रुपए के लेनदेन का पता चला है।

Wardha Cyber Crime: स्थानीय साइबर पुलिस ने शहर के दयालनगर निवासी माधव नानवानी से जुड़े कथित साइबर क्राइम सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड की रकम वर्धा के अकोला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में खोले गए म्यूल खातों में जमा की जाती थी।

इस मामले में पुलिस ने माधव नानवानी सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पिछले कुछ महीनों से चल रहे इस कथित गोरखधंधे में करीब 1 करोड़ 98 लाख रुपए के लेनदेन की जानकारी जांच में सामने आई है।

विभिन्न हिस्सों में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले

बता दें कि देश के विभिन्न हिस्सों में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं। इसी सिलसिले में महाराष्ट्र साइबर सेल से वर्धा साइबर पुलिस को एक सूची प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान अकोला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की वर्धा शाखा में चार म्यूल खाते पाए गए। ये खाते गणेशनगर निवासी अनिता अर्जुन तिवारी (43), सारिका गजानन लवणकर (48), दयालनगर निवासी सुनीता सागर तिवारी (45) और समतानगर निवासी जारा सलमान खान (28) के नाम पर खोले गए थे।

बताया गया कि ये सभी किराये के मकानों में रहती हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि दयालनगर निवासी माधव नानवानी ने ही इन चारों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों का नियंत्रण भी उसने अपने पास रखा था। सभी ऑनलाइन लेनदेन वही करता था। खाताधारकों को कुछ प्रलोभन देकर इन खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

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विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्त थे फील्ड एजेंट

जांच के अनुसार, इन बैंक खातों के जरिए महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड की रकम जमा की जाती थी। इसके बाद माधव नानवानी कथित तौर पर इन खातों से रकम ऑनलाइन माध्यम से दूसरे खातों में ट्रांसफर करता था। यह गिरोह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पार्टटाइम जॉब, निवेश, शेयर बाजार, रेटिंग वर्क, वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल अरेस्ट जैसी योजनाओं का प्रलोभन देकर साइबर फ्रॉड को अंजाम देता था। इस काम के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में फील्ड एजेंट नियुक्त किए गए थे। जांच में यह गोरखधंधा मार्च 2026 से शुरू होने की जानकारी सामने आई है।

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बैंक के चारों खातों में लाखों रुपए हुए जमा

सूत्रों के अनुसार, माधव नानवानी ने अकोला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में अपना खाता भी खुलवाया था। इसके बाद चारों म्यूल खातों का नियंत्रण अपने पास रखा, जांच में एक खाते में 70 लाख रुपए, दूसरे में 82 लाख रुपए, तीसरे में 22 लाख रुपए और चौथे में 24 लाख रुपए के लेनदेन का पता चला है। इस तरह चारों खातों में कुल 1 करोड़ 98 लाख रुपए का लेनदेन सामने आया है। इस मामले में साइबर पुलिस थाने में पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।