

सरकार मुंबई की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के लिए वैभव संगोपन योजना चला रही है।
आरपीजी फाउंडेशन ने शिवड़ी किले को गोद लिया, यहां संग्रहालय और सूचना केंद्र बनेगा।
बाणगंगा, वर्ली किले और कोलीवाड़ा के संरक्षण पर भी जोर दिया जाएगा।
Sewri Fort RPG Foundation Banganga Worli Fort: मुंबई की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोक परंपराओं से जुड़ी विरासत को संरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने वैभव संगोपन योजना के तहत महत्वपूर्ण पहल की है।
इस योजना के अंतर्गत शहर के ऐतिहासिक स्थलों और पारंपरिक पहचान को नया स्वरूप देने के साथ उनका संरक्षण किया जाएगा। आरपीजी फाउंडेशन ने शिवड़ी किले को संरक्षण के लिए गोद लिया है। इसी तर्ज पर बाणगंगा, वर्ली किले और वर्ली कोलीवाड़ा की विरासत को भी सहेजने की योजना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर सांस्कृतिक कार्य विभाग की इस योजना को गति दी जा रही है। आरपीजी फाउंडेशन की पहल 'द हेरिटेज प्रोजेक्ट' के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई है। इसके अलावा 270 से अधिक महिलाओं को आजीविका और उद्यमिता के लिए सहयोग दिया गया है।
शिवड़ी किले को संरक्षित कर उसे नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से आरपीजी फाउंडेशन ने इसे गोद लिया है। यहां संग्रहालय और सूचना केंद्र विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके माध्यम से किले के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास होगा।
इसी तरह चाणगंगा तालाब परिसर में भी विरासत संरक्षण से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। यहां के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को सामने लाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं, वर्ली किले के संरक्षण के लिए भी प्रयास जारी हैं। वर्ली कोलीवाड़ा में पहले से चल रहे विरासत संरक्षण कार्यों का विस्तार किले तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्ली कोलीवाड़ा में संरक्षण अभियान के तहत कोली समुदाय के इतिहास, परंपराओं, जीवनशैली और सांस्कृतिक पहचान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इस क्षेत्र में अब तक 71 से अधिक स्ट्रीट लाइटें, 30 से अधिक सूचना पट्ट और सात से अधिक सार्वजनिक दीवार चित्र स्थापित किए गए हैं।
इन पहलों के जरिए मुंबई शहर की ऐतिहासिक इमारतों, पारंपरिक बस्तियों और लोक संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।