सहकारी बैंककर्मियों की बढ़ेगी सैलरी! वर्धा में मंत्री पंकज भोयर ने दिए निर्देश
Wardha News: वर्धा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक कर्मचारियों को 23 साल बाद वेतनवृद्धि मिलने वाली है। पालकमंत्री डॉ. भोयर ने सहकार विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- Written By: आकाश मसने
पालकमंत्री पंकज भोयर को ज्ञापन सौंपते बैंककर्मी (फोटो नवभारत)
Co-Operative Bank Employee Salary Hike: लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी सहकारी बैंक कर्मचारियों की वेतनवृद्धि की मांग अब पूरी होने की उम्मीद जगी है। वर्धा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के कर्मचारियों की वेतन श्रेणी और महंगाई भत्ते के नूतनीकरण के संदर्भ में राज्य के गृह (ग्रामीण) व सहकार राज्यमंत्री तथा वर्धा जिले के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने सहकार विभाग के प्रधान सचिव को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
लगभग 23 वर्ष से वेतनवृद्धि नहीं होने के कारण बैंक कर्मचारियों में लंबे समय से असंतोष था। अब पालकमंत्री के हस्तक्षेप के बाद उनमें खुशी की लहर दौड़ गई है।
रिजर्व बैंक ने किया था लाइसेंस रद्द
वर्धा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक कभी किसानों के हितों की बैंक मानी जाती थी, लेकिन पूर्ववर्ती प्रशासनिक नीतियों की गलतियों के कारण बैंक की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी। परिणामस्वरूप, रिजर्व बैंक ने बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया था, जिससे लगभग 450 कर्मचारियों और हजारों खाताधारकों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था।
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बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और विधायक डॉ. भोयर के प्रयासों से बैंक को फिर से बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त हुआ और उसे आर्थिक सहायता भी दी गई।
पिछले छह वर्षों में बैंक ने पुनः स्थिरता प्राप्त की है और अब मुनाफे में चल रही है। वर्तमान में बैंक में करीब 70 कर्मचारी कार्यरत हैं, जो बैंक की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
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नए कर्मचारियों की भर्ती न होने से कार्यभार अधिक बढ़ गया है। कर्मचारियों ने इस स्थिति और अपनी लंबित वेतनवृद्धि के मुद्दे को पालकमंत्री के ध्यान में लाया था। सहकार आयुक्त कार्यालय में वेतनवृद्धि प्रस्ताव फिलहाल लंबित है, जिसे शीघ्र मान्यता देने की मांग बैंक कर्मचारी यूनियन ने की है।
कर्मचारी प्रतिनिधियों ए.डी. बोडखे, ए.डी. झाडे, एस.डी. मुजबैले, आर.आर. मरसाडे सहित कई अन्य ने सामूहिक रूप से इस विषय में निवेदन सौंपा। डॉ. भोयर ने कर्मचारियों की इस न्यायोचित मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
2002 से नहीं हुई वेतनवृद्धि
वर्धा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक में कार्यरत कर्मचारियों को वर्ष 2002 से वेतन वृद्धि नहीं मिली थी। यूनियन द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर अब विभागीय कार्यवाही शुरू होने की संभावना है।
