डॉ. बाजपेयी के अस्पताल पर कार्रवाई की तलवार (सौजन्य-नवभारत)
Bhandara Baby Trafficking Case: भंडारा जिले में दस दिन की नवजात बालिका की कथित बिक्री के मामले में नए खुलासों से हड़कंप मच गया है। इस प्रकरण में मुख्य आरोपी न्यू बालाजी हॉस्पिटल एंड सोनोग्राफी सेंटर, गोंदिया के संचालक डॉ. नितेश बाजपेयी की अस्पताल मान्यता रद्द होने की संभावना जताई जा रही है। मामला तूल पकड़ते ही प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार बच्ची को खरीदने वाली महिला ने पहले विधिवत दत्तक प्रक्रिया के लिए महिला एवं बाल कल्याण कार्यालय से जानकारी ली थी, लेकिन नियमों की जटिलता के चलते उसने कथित रूप से गलत रास्ता अपनाया। बताया जा रहा है कि 98 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से और एक लाख रुपये धनादेश द्वारा दिए गए।
शेष एक लाख रुपये जन्म प्रमाण पत्र तैयार होने के बाद देने की बात तय थी। कहा जा रहा है कि मामला उजागर होने से पहले ही लेनदेन की तैयारी पूरी थी, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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सूत्रों का कहना है कि डॉ. नितेश बाजपेयी के विरुद्ध गोरेगांव में बिना अनुमति क्लिनिक संचालित करने का मामला भी दर्ज है। उनकी शैक्षणिक डिग्री को लेकर भी संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। विडंबना यह है कि पूर्व में उन्होंने तत्कालीन जिला शल्य चिकित्सक मोहबे के विरुद्ध अवैध गर्भपात और अनियमितताओं को लेकर आंदोलन किया था।
जिला शल्य चिकित्सक पुरुषोत्तम पटले ने बताया कि अपराध दर्ज होने के कारण अस्पताल की मान्यता अस्थायी रूप से रद्द की जा सकती है। मामले की जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी शिवम विसापूरे कर रहे हैं। विसापूरे ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और उसकी डिग्री व पंजीकरण संबंधी जानकारी मांगी गई है। फिलहाल आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में आवेदन किया है। मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।