वर्धा: बैचलर रोड के डिवाइडर पर सूख रहे पौधे; देखरेख के अभाव में लाखों की निधि व्यर्थ, कांटों से बढ़ी दुर्घटनाए
Wardha Bachelor Road: वर्धा के बैचलर रोड पर डिवाइडर के बीच लगे पौधे पानी के अभाव में सूख रहे हैं। सूखी कटीली टहनियों और लावारिस पशुओं के कारण लाखों का निवेश बर्बाद हो रहा है और दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
- Written By: रूपम सिंह
वर्धा: बैचलर रोड के डिवाइडर पर सूख रहे पौधे
Wardha Municipal Administration News: वर्धा शहर के बैचलर रोड सहीत अन्य मार्गों पर डिवाइडर के बीच पौधारोपण किया गया। लेकिन इस ओर निरंतर देखभाल पर अनदेखी होते नजर आ रही है। पानी के अभाव में डिवाइडर पर लगाएं पौधे सूख रहे हैं। इतना ही नहीं तो काटेदार टहनियों से दुर्घटना का डर बना हुआ है। सूखी हुइर टहनियों को छाटना जरूरी है। बारिश के मौसम में प्रतिवर्ष शहर के प्रमुख मार्गों पर बनाएं गए डिवाइडर पर पेड़ लगाएं जाते हैं।
यह पौधारोपण का सीलसीला गत कुछ वर्षों से निरंतर रूप से जारी है। लेकिन गर्मी का सिजन शुरू होते ही संपूर्ण पेड नष्ट हो जाते है। पौधारोपण के बाद पेड़ो की देखभाल पर अनदेखी, यह इसके पिछे का प्रमुख कारण है। पानी के अभाव में बैचलर रोड के पेड सूख गए कुछ पेडों की काटेदार टहनियां सुखने के बाद सड़क तक फैलने के कारण अवागमन करने में परेशानी हो रही है।
दुपहिया चालकों को मार्ग से अवागमन करते समय टहनियों के कांटे लगने से वह दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। जिससे काटेदार टहनियों को छांटना जरूरी हो गया है। कुछ पेड़ सुख गए है। जबकि कुछ बचे पेड पानी के अभाव में सुखने की कागार पर है। अगर जल्द ध्यान नहीं दिया तो डिवाइडर के पेड़ शत-प्रतिशत नष्ट हो जाएंगे। इसके बाद पुनः बाराश के मौसम में पौधारोपण करना पड़ेगा।
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लावारिस पशुओं का चारा बने पाम के पेड़
प्रमुख मार्गों के वर्धा शहर में डिवाइडर पर पाम के पेड लगाएं गए थे। पानी नहीं मिलने के कारण कुछ पेड़ सूख गए हैं। जबकि कुछ पेड़ पशुओं ने खा लिए हैं। जिससे पाम के पेड़ लगाने के लिए खर्च किया लाखों रुपयों का निधि व्यर्थ गया है। संबंधित प्रशासन ने समस्या की ओर ध्यान देकर उपाययोजना करने की मांग की जा रही है।
