किडनी बिक्री कांड: मुख्य आरोपी डॉ. रवींद्र पाल सिंह ने चंद्रपुर में किया सरेंडर, पूछताछ में मिले अहम सुराग
Kidney Selling Racket: महाराष्ट्र के चर्चित किडनी बिक्री कांड में दिल्ली के डॉ. रवींद्र पाल सिंह ने ब्रह्मपुरी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। जबकि उनके तमिलनाडु साथि आरोपी डॉक्टर अब भी फरार है।
- Written By: केतकी मोडक
डॉ. रवींद्र पाल सिंह (सोर्स- फोटो नवभारत)
Kidney Racket Doctor Surrender’s In Chandrapur: महाराष्ट्र के चर्चित रोशन कुले किडनी बिक्री प्रकरण में मंगलवार को महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल दिल्ली के चिकित्सक डॉ. रवींद्र पाल सिंह ने ब्रह्मपुरी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। लंबे समय से स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) की नजर में रहे डॉ. सिंह अपने अधिवक्ता के साथ अदालत पहुंचे, जहां सुनवाई के बाद न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
दिसंबर 2025 में ब्रह्मपुरी तहसील के किसान रोशन कुले द्वारा कर्ज के बोझ से परेशान होकर अपनी किडनी बेचने का मामला सामने आने के बाद पूरे राज्य में सनसनी फैल गई थी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान को अवैध अंग व्यापार के जाल में फंसाकर किडनी बेचने के लिए मजबूर किया गया था। मामले की जांच कर रही स्थानीय अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए ब्रह्मपुरी क्षेत्र के छह अवैध साहूकारों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान इस रैकेट के तार राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े होने के संकेत मिले। पुलिस ने चंडीगढ़ निवासी हिमांशु भारद्वाज तथा कोल्हापुर के रामकृष्ण सुंचू को भी गिरफ्तार किया था।
दूसरा मुख्य आरोपी अब भी फरार
मामले का एक अन्य प्रमुख आरोपी डॉ. राजरत्नम गोविंद स्वामी, जो तमिलनाडु राज्य के त्रिची स्थित थिलाईनगर का निवासी है, अब भी फरार बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि डॉ. रवींद्र पाल सिंह से पूछताछ के बाद मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं और फरार आरोपी तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। इस बहुचर्चित मामले की आगे की जांच पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
सम्बंधित ख़बरें
छत्रपति संभाजीनगर में 3 करोड़ लोन का झांसा देकर महिला समाज सेविका से 7.35 लाख की ठगी, आरोपी पर केस दर्ज
रेत माफियाओं पर सरकार सख्त, मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स
Nashik-Pune Railway सीधे मार्ग को बरकरार रखने की मांग तेज, एक्शन कमिटी ने मुख्यमंत्री संग बैठक पर टिकाई नजर
नाले में गिरने से हुई 2 बच्चो की मौत, चंद्रपुर के पांचगांव में हुआ ये दर्दनाक हादसा
यह भी पढ़ें:- छत्रपति संभाजीनगर की New Water Supply Project से 10 दिन में 1500 MM और 15 दिन में 2000 MM पाइपलाइन होगी शुरू
पूछताछ में मिले अहम सुराग
जांच के दौरान अंग प्रत्यारोपण से जुड़े दिल्ली के डॉ. रवींद्र पाल सिंह और तमिलनाडु के डॉ. राजरत्नम गोविंद स्वामी के नाम सामने आए थे। न्यायालय के निर्देश पर दोनों को फरवरी 2026 में स्थानीय अपराध शाखा के समक्ष नियमित हाजिरी देने के आदेश दिए गए थे। पूछताछ के दौरान पुलिस को दोनों के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने का दावा किया गया, जिसके आधार पर उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
