MVA में बढ़ी दरार? रणनीतिक बैठक से 23 विधायक रहे नदारद, उद्धव ठाकरे की चिंता आई सामने
MVA Strategy Meeting: महाविकास आघाड़ी की रणनीतिक बैठक से 23 विधायकों की गैरमौजूदगी ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। उद्धव ठाकरे ने साथियों से संगठन मजबूत करने की अपील की।
- Written By: अपूर्वा नायक
उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
MVA Strategy Meeting News: महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़े भूचाल के संकेत मिल रहे हैं। महाविकास आघाड़ी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। गठबंधन की एक अहम रणनीतिक बैठक से 60 में से 23 विधायकों ने दूरी बना ली।
विधायकों के अलावा इनमें कई बड़े नाम भी शामिल हैं। हाल ही में उद्धव गुट के 6 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद अब विधायकों की इस गैर मौजूदगी ने गठबंधन के भविष्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
उद्धव ठाकरे ने जाहिर की अपनी पीड़ा
बागी सांसदों का जिक्र करते हुए उद्धव ने अपील की कि हमें उन लोगों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो हमारे साथ है। उन्होंने स्पष्ट कहा, ‘जो चले गए, उन्हें जाने दे।’ उन्होंने एकजुटता पर सवाल उठाते हुए कहा, “हम कहते हैं कि हम एक साथ है लेकिन क्या हम सदन में महाविकास आघाड़ी के रूप में एकजुट हैं? क्या हम एक साथ मिलकर मुद्दे उठाते हैं?
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में 6 बागी सांसदों के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। यह बैठक मुख्य रूप से 3 दिन पहले शुरू हुए मानसून सत्र की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी।
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खतरे में एमवीए का अस्तित्व ?
नवंबर 2019 में वजूद में आए एमवीए गठबंधन की स्थिरता पर हमेशा से सवालिया निशान रहे हैं। 7 साल, 3 बड़े चुनावों और कई बगावतों का सामना करने के बावजूद यह गठबंधन अब तक टिका हुआ है।
जून 2022 में शिवसेना में हुई बड़ी बगावत के बाद, ठीक उसी तर्ज पर जून 2023 में एनसीपी में भी टूट हुई थी। कांग्रेस-एनसीपी और कट्टर हिंदुत्व वाली शिवसेना के एक साथ आने को आलोचकों ने ने हमेशा अवसरवादी राजनीति’ करार दिया है। कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रही बगावत और अब विधायकों की दूरी यह संकेत दे रही है कि एमवीए गठबंधन अपने आखिरी दौर से गुजर रहा है।
