

Urdhva Wardha Dam Project Affected People: ऊर्ध्व वर्धा जलाशय के डूब क्षेत्र के किनारे स्थित अमरावती और वर्धा जिलों की गादयुक्त भूमि रबी एवं ग्रीष्मकालीन मौसम के लिए किराएं पट्टे पर दी जा रही है। इसके लिए 31 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिन व्यक्तियों की भूमि नए जलाशय, बाढ़ नियंत्रण बांध, धरण आदि निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई है अथवा किसी शासकीय परियोजना या किसी स्थानीय प्राधिकरण की परियोजना से प्रभावित हुए हैं, ऐसे व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय भूमिहीन, पिछड़े वर्ग की सहकारी संस्थाएं, पिछड़े एवं गैर-पिछड़े वर्ग के स्थानीय भूमिहीन व्यक्तियों की सहकारी संस्थाएं, स्थानीय भूमिहीन
व्यक्तियों की सहकारी संस्थाएं, स्थानीय भूमिहीन पिछड़ा वर्गीय नागरिक, अन्य वर्गों के स्थानीय भूमिहीन नागरिक तथा जिन गांवों में गादयुक्त भूमि स्थित है, उन गांवों के बाहर के भूमिहीन नागरिक भी गादयुक्त भूमि पट्टे पर लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
गादयुक्त भूमि की मौजा एवं खेत सर्वेक्षण, मूल मालिकवार सूची, 100 रुपये के स्टांप पेपर पर किए जाने वाले करारनामे तथा आवेदन का प्रारूप उपविभागीय अभियंता, ऊर्ध्व वर्धा सिंचाई उपविभाग क्रमांक 1, मोर्शी कार्यालय में उपलब्ध है। इच्छुक व्यक्तियों को आवेदन प्रारूप एवं करारनामा, सहायक अभियंता श्रेणी-1, ऊर्ध्व वर्धा सिंचाई विभाग क्रमांक 1, मोर्शी कार्यालय में 31 जुलाई तक जमा करना होगा। प्राथमिकता के अनुसार पात्र लाभार्थियों को प्रत्येक परिवार को अधिकतम 1।20 हेक्टेयर भूमि पट्टे पर दी जाएगी।
यदि परिवार प्रमुख किसी सहकारी संस्था का सदस्य है, तो कुलवहीवाट एवं कृषि भूमि अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित निर्वाह क्षेत्र की सीमा के अधीन अधिकतम 1.6 हेक्टेयर भूमि दी जा सकेगी। यदि एक वर्ष में दो फसलें ली जाती हैं, तो प्रति हेक्टेयर 11 माह के लिए 2 हजार रुपये तथा यदि एक वर्ष में केवल एक फसल ली जाती है, तो प्रति हेक्टेयर 11 माह के लिए 1 हजार रुपये जमा करना अनिवार्य होगा। यह जानकारी ऊर्ध्व वर्धा सिंचाई विभाग, अमरावती शहर के कार्यकारी अभियंता द्वारा दी गई है।