छात्रों को नहीं करना पड़ेगा दीक्षांत समारोह का इंतजार: रिजल्ट आते ही डिजिलॉकर पर मिलेंगे डिग्री

DigiLocker Degrees: महाराष्ट्र के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को 31 जुलाई तक परीक्षा परिणाम व शैक्षणिक क्रेडिट APAAR ID से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। डिग्री-डिप्लोमा भी अब सीधे डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगे।
Students won't have to wait for the convocation ceremony: Degrees will be available on DigiLocker as soon as results are declared.
अपार आईडी, डिजिलॉकर, परीक्षा परिणाम, सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
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University Results APAAR Integration: नागपुर सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को जून 2026 तक आयोजित सभी परीक्षाओं के परिणाम और शैक्षणिक क्रेडिट (श्रेयांक) विद्यार्थियों की अपार आईडी से जोड़कर 31 जुलाई तक अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने के निर्देश उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने दिए हैं। साथ ही परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद दीक्षांत समारोह का इंतजार किए बिना विद्यार्थियों के डिग्री एवं डिप्लोमा प्रमाणपत्र डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

अपार आईडी में महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर

इस संबंध में हाल ही में उच्च शिक्षा विभाग में आयोजित बैठक में राज्यभर की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में 'एक देश, एक विद्यार्थी पहचान' नीति के तहत अपार आईडी और डिजिलॉकर की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें बताया गया कि राज्य में अब तक 2।67 करोड़ विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जा चुकी है, जिससे राज्य देश में दूसरे स्थान पर है। वहीं 39।67 लाख शैक्षणिक क्रेडिट सफलतापूर्वक हस्तांतरित किए जा चुके हैं।

छात्रों को करना पड़ता है इंतजार

दरअसल, परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाणपत्र के लिए दीक्षांत समारोह का इंतजार करना पड़ता है। इससे उच्च शिक्षा, विभिन्न प्रवेश प्रक्रियाओं तथा विदेश में अध्ययन के इच्छुक विद्यार्थियों को समय पर प्रमाणपत्र नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जून 2026 तक आयोजित सभी परीक्षाओं के परिणाम और शैक्षणिक क्रेडिट 31 जुलाई तक विद्यार्थियों की अपार आईडी से लिंक कर वेबसाइट पर उपलब्ध कराएं, साथ ही दीक्षांत समारोह की प्रतीक्षा किए बिना डिग्री और डिप्लोमा प्रमाणपत्र डिजिलॉकर पर जारी किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को समय पर डिजिटल प्रमाणपत्र उपलब्ध हो सकें, इसके अलावा विद्यार्थियों के सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और शैक्षणिक क्रेडिट को सुरक्षित एवं अद्यतन रखने के लिए डिजिलॉकर का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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