

Wardha News: सरकार एवं प्रशासन द्वारा स्थानीय इकाई चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। किसी भी समय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अब अधिक सक्रिय हो गए हैं। त्यौहारों के दिनों में इच्छुक प्रत्याशी स्वयं को जनता के सामने लाने का कोई अवसर नहीं छोड़ रहे हैं। इन दिनों शहर के मुख्य मार्गों, चौराहों, भीतरी सड़कों, नुक्कड़ों, गलियों और छोटे चौराहों पर शुभेच्छा बैनरों की भरमार देखने को मिल रही है।
इस बैनर संस्कृति से नगरीय सुंदरता बदरंग होती जा रही है, किंतु इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। उल्लेखनीय है कि अधिकांश शुभेच्छा बैनर नियमों की अनदेखी करते हुए लगाए गए हैं। कुछ लोगों ने प्रशासन से अनुमति ली है, जबकि कई लोग मनमर्जी से कहीं भी बैनर लगाते नजर आ रहे हैं। कई बार इन बैनरो को वाहन टकराते है, जिससे हादसे का डर रहता है़ बिना किसी को पुछे मकानों पर भी बैनर लगाए जा रहे है़ इससे विवाद की स्थिति पैदा हो रही है़ शहरवासियों ने नगरपालिका प्रशासन से आग्रह किया है कि वह इस मामले को गंभीरता से लेकर शहर में लगे अनधिकृत बैनरों को तुरंत हटाने की कार्रवाई करे।
नियमानुसार शहर में बिजली के खंभों, बिजली डीपी आदि पर बैनर लगाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद वर्तमान में शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों के किनारे बिजली के खंभों और डीपी पर छोटे-बड़े बैनर लटके हुए दिखाई दे रहे हैं। इससे किसी अनहोनी का डर बना रहता है़ नगर परिषद प्रशासन के अनुसार अनुमति लेकर केवल डिवाइडर पोल पर ही छोटे आकार के बैनर लगाए जा सकते हैं। बिजली के खंभों व डीपी पर बैनर लगाना गैरकानूनी कृत्य माना जाता है।
स्थानीय इकाई चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। नप चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ने के इच्छुकों ने भी कमर कस ली है। इन पर उम्मीदवारी व चुनाव का खुमार स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। हर कोई अपने क्षेत्र में छोटे-बड़े शुभेच्छा बैनर लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत करने और जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में जुटा है।