वर्धा. रामनगर थाने की इमारत वापस लेने का प्रस्ताव नगर परिषद की आमसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया़ इस दौरान विद्यार्थियों को बैठने के लिए जगह उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा सभा में उपस्थित किया गया था़ उल्लेखनिय है कि रामनगर थाने की इमारत का किराया शुरू से ही नहीं भरा गया है़ अब नप में पारित प्रस्ताव के बाद इमारत का बकाया किराया चुकाने पुलिस प्रशासन के प्रयास तेज हो गए है़ नगर परिषद से इमारत के किराए की डिमांड प्राप्त करके प्रस्ताव पुलिस प्रशासन ने वरिष्ठस्तर पर भेजे जाने की जानकारी है़ ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर रामनगर थाने की इमारत खाली कराने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार किए जाने की मांग नागरिकों ने की है.
महाराणा प्रताप स्कूल की इमारत की 943.81 स्क्वेयर फुट जगह रामनगर थाने को दी गई है़ इसके बदले में प्रति माह 17 हजार 650 रुपए किराया देने की बात नगर परिषद प्रशासन ने तय की थी़ लेकिन किराया चुकाया नहीं गया है़ 6 दिसंबर को हुई आमसभा में रामनगर थाने की इमारत खाली कराने का प्रस्ताव पारित किया गया है़ इस प्रस्ताव के बाद पुलिस प्रशासन सख्ते में आ गया़ नगर परिषद कार्यालय में पहुंचकर डिमांड की मांग की गई. इसके बाद 1 नवंबर 2015 से 31 दिसंबर 2021 तक 10 लाख 94 हजार 300 की डिमांड नगर परिषद प्रशासन ने दी़ इसे पुलिस प्रशासन ने वरिष्ठ स्तर पर मंजूरी के लिए भेजे जाने की जानकारी है.
रामनगर थाने की वजह से क्षेत्र के अपराधिक तत्व नियंत्रण में है़ साईंनगर, सिंदी मेघे, रेलवे कालोनी, म्हाडा कालोनी, पिपरी आदि सभी परिसर के नागरिकों को सहूलियत हो रही है़ नगर परिषद प्रशासन इंदिरा मार्केट, ठाकरे मार्केट तथा अन्य परिसर की संपत्ति कर वसूली के लिए तत्परता नहीं दिखाती़ विद्यार्थियों को जगह उपलब्ध नहीं होती है, तो कमला नेहरू स्कूल में कई कमरे खाली है़ वहां मजबूत इमारत में बच्चों को बैठने की व्यवस्था करनी चाहिए.
-सुधीर पांगुल, अध्यक्ष-शहर कांग्रेस.
रामनगर पुलिस थाने की वजह से ही क्षेत्र में शांति-सुव्यवस्था बनी हुई है़ परिसर में थाने की सख्त जरूरत है़ सुरक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता देनी चाहिए़ आम जनता की भावना को नगर परिषद प्रशासन ने समझना चाहिए़ शांति-सुव्यवस्था के लिए रामनगर में ही पुलिस थाना कायम रखे़.
-उत्तम कृपलानी, नागरिक.
रामनगर पुलिस थाना महाराणा प्रताप स्कूल परिसर में ही रहे यह जनभावना है़ पुलिस जनता की रक्षक है़ उन्हीं की उपस्थिति से क्षेत्र में शांति व व्यवस्था बनी हुई है़ इसके लिए नगर परिषद ने जनभावना का आदर करके प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना चाहिए.
-नितिन झाड़े, नागरिक.