वर्धा में डीजल बिक्री पर नई सीमा: अब एक बार में अधिकतम 200 लीटर डीजल मिलेगा
India Fuel Policy News: वर्धा में केंद्र सरकार ने एक व्यक्ति को एक बार में अधिकतम 200 लीटर डीजल बेचने का नियम लागू किया है। प्रशासन ने किल्लत की अफवाहों को खारिज कर पर्याप्त बफर स्टॉक का दावा किया है।
- Written By: केतकी मोडक
पेट्रोल पंप फाईल फोटो (सोर्स - सोशल मीडिया)
Wardha Diesel Sale Limit 200 Liters: अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल के आयात पर संभावित प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक व्यक्ति को अधिकतम 200 लीटर डीजल की बिक्री का निर्णय लिया है। खरीफ सीजन के ऐन पहले लिए गए इस निर्णय को लेकर किसानों और ट्रैक्टर संचालकों में चर्चा का माहौल है। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और खेती-किसानी के कार्यों पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
वर्धा जिले के किसान खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में लगभग 4 लाख 18 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कपास, सोयाबीन और तुअर सहित विभिन्न खरीफ फसलों की बुआई होने का अनुमान है। हालांकि अब तक जिले में बुआई योग्य पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है। अच्छी बारिश होने के बाद किसान बड़े पैमाने पर बुआई कार्य शुरू करेंगे। कुछ किसानों ने जोखिम उठाते हुए कपास की सूखी बुआई भी कर दी है।
समय और लागत की बचत के लिए अधिकांश किसान ट्रैक्टरों की सहायता से खेत तैयार कर रहे हैं। ऐसे में डीजल बिक्री की सीमा को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही थी, लेकिन किसानों और ट्रैक्टर मालिकों का कहना है कि वर्तमान में जिले में डीजल की कोई कमी नहीं है और कृषि कार्य सामान्य रूप से जारी हैं।
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किसानों और ट्रैक्टर मालिकों की प्रतिक्रिया
मालेगांव शहर के किसान प्रमोद मेटकर ने बताया कि पहले गांव में 250 से 300 बैल जोड़ियां थीं, लेकिन अब उनकी संख्या घटकर 15 से 20 रह गई है। मजदूर और बैल समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने इस वर्ष ट्रैक्टर की सहायता से बेड पद्धति पर कपास लगाने का निर्णय लिया है। उनके अनुसार डीजल की कमी के कारण ट्रैक्टर उपलब्ध नहीं होने जैसी कोई समस्या फिलहाल नहीं है।
वहीं ट्रैक्टर मालिक अनुप दिघड़े ने कहा कि सरकार के नए निर्णय की जानकारी उन्हें मिली है, लेकिन एक ट्रैक्टर को प्रतिदिन लगभग 60 से 70 लीटर डीजल की आवश्यकता होती है। इसलिए फिलहाल इस निर्णय का उनके व्यवसाय पर कोई असर नहीं पड़ा है।
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‘पहले भुगतान, बाद में आपूर्ति’ की नीति
प्रभारी वर्धा जिला आपूर्ति अधिकारी राजू रणवीर ने बताया कि एक व्यक्ति को अधिकतम 200 लीटर डीजल बिक्री संबंधी केंद्र सरकार का आदेश जिला आपूर्ति विभाग को प्राप्त हुआ है। जिले में फिलहाल डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि तेल कंपनियां ‘पहले भुगतान, बाद में आपूर्ति’ की नीति के तहत कार्य कर रही है।
