

Wardha Shalarth ID Case: शालार्थ आईडी घोटाले की जांच के बीच अब वर्धा जिले के 13 शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों की नियुक्तियों की भी जांच की जाएगी। व्यक्तिगत मान्यता और शालार्थ आईडी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण नागपुर विभाग के 1,397 शिक्षक-कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच प्रस्तावित है।
इसमें वर्धा जिले के माध्यमिक विभाग के 10 तथा प्राथमिक विभाग के 3 शिक्षक-कर्मचारी शामिल हैं। संबंधितों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी है।
शालार्थ आईडी घोटाले की एसआईटी जांच के दौरान जिले के 300 से अधिक शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच की गई थी। इनमें मुख्य रूप से वर्ष 2014 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारी शामिल थे।
अब व्यक्तिगत मान्यता और शालार्थ आईडी की फाइल उपलब्ध नहीं होने के चलते नियुक्तियों की जांच का दायरा बढ़ाया गया है। नोटिस प्राप्त करने वाले शिक्षक-कर्मचारियों की सुनवाई नागपुर विभागीय शिक्षण मंडल के अध्यक्ष शिवलिंग पटवे करेंगे। यह प्रक्रिया अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
जांच के दायरे में आए 13 शिक्षक-कर्मचारी कौन हैं और वे किन शिक्षण संस्थाओं के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में कार्यरत हैं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। 29 सितंबर को शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) जयश्री राऊत से संपर्क करने पर उन्होंने वर्धा जिले के किसी भी शिक्षक या शिक्षकेतर कर्मचारी के जांच के घेरे में होने से इनकार किया था। वहीं, 30 सितंबर को दोबारा संपर्क करने पर उन्होंने संदेश के जरिए बताया कि फिलहाल उनके पास इसकी ठोस जानकारी नहीं है और इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय से संपर्क किया जाए।
नागपुर संभाग शिक्षा मंडल के अध्यक्ष शिवलिंग पटवे ने कहां कि, व्यक्तिगत मान्यता व शालार्थ आईडी की फाइल उपलब्ध नहीं होने वाले 1,397 शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच की जाएगी। इनमें वर्धा जिले के 13 शिक्षक-कर्मचारी शामिल हैं। नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू है। नोटिस प्राप्त करने वालों की सुनवाई अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से शुरू होगी।