

Shalarth ID Scam Nashik Court Hearing: सरकार से करीब 160 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी से चर्चित ‘शालार्थ’ आईडी घोटाले के संदिग्ध आरोपी, शिक्षण संस्थान संचालक और भाजपा पदाधिकारी संजय गरुड़ ने जमानत के लिए फिर प्रयास शुरू किया है। गरुड़ ने नए वकीलों के माध्यम से नासिकरोड न्यायालय में दोबारा जमानत आवेदन दाखिल किया है। इस पर 30 सितंबर को सुनवाई होगी।
नासिक विभाग में 841 शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के ‘शालार्थ आईडी’ फर्जी पाए गए हैं। इनमें अकेले जलगांव जिले के 638 कर्मचारी शामिल हैं। नासिक अपराध शाखा के सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मिटके के नेतृत्व में टीम घोटाले की गहन जांच कर रही है। अब तक राज्य शिक्षा मंडल के पूर्व अध्यक्ष नितीन उपासनी, शशिकांत हिंगोणेकर, प्रशांत वाडीले, संजय गरुड़ और उसके भाई दीपक गरुड़ समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गरुड़ ने इससे पहले दाखिल जमानत आवेदन स्वयं वापस ले लिया था। उसके भाई दीपक गरुड़ के आवेदन पर 24 सितंबर और हिंगोणेकर के आवेदन पर 28 सितंबर को सुनवाई होगी। नितीन उपासनी का जमानत आवेदन न्यायालय दूसरी बार खारिज कर चुका है।
गिरफ्तारी के बाद लंबे समय तक जिला अस्पताल में उपचार लेने वाला गरुड़ फिलहाल नासिकरोड मध्यवर्ती कारागार में है। विशेष जांच दल द्वारा उसे दोबारा हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की संभावना है। फर्जी आईडी हासिल करने वाले शिक्षक और कर्मचारी भी पुलिस के रडार पर हैं।