

Pune Growth Hub Job Generation Target: पुणे की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के साथ रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। पुणे ग्रोथ हब की विकास योजना में अगले दस वर्षों में 12 से 20 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में पुणे आर्थिक क्षेत्र में करीब 56 लाख रोजगार हैं।
वर्ष 2035-36 तक यह संख्या बढ़ाकर 74 से 76 लाख करने की योजना है। रोजगार के नए अवसर विनिर्माण, सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, कृषि प्रसंस्करण और परिवहन सहित विभिन्न क्षेत्रों में पैदा किए जाएंगे।
पुणे को नए उद्योगों और तकनीकी क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया गया है। वाहन और विद्युत वाहन निर्माण, इंजीनियरिंग, रक्षा, रोबोटिक्स, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, अर्धचालक और जैव
प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन उभरते क्षेत्रों से ही 4 से 5 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा होने की संभावना जताई गई है। ग्रोथ हब के तहत उच्च तकनीक इंजीनियरिंग पार्क, विद्युत वाहन एवं भविष्य की परिवहन तकनीक
का केंद्र, इलेक्ट्रॉनिक्स-रक्षा-रोबोटिक्स उत्पादन केंद्र तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव है। इससे पुणे में निवेश बढ़ाने के साथ कुशल और तकनीकी मानव संसाधन के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में पुणे की स्थिति मजबूत करने के लिए स्टार्टअप की संख्या 10 हजार से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 1।5 से 2 लाख तकनीकी कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नए कौशल का प्रशिक्षण देने की योजना है। इसका उद्देश्य बदलती तकनीक के कारण रोजगार के स्वरूप में आ रहे बदलाव के अनुरूप युवाओं और मौजूदा कर्मचारियों को तैयार करना है,
रोजगार बढ़ाने के लिए पर्यटन क्षेत्र को भी बड़े पैमाने पर विकसित करने की योजना है।
पुणे आर्थिक क्षेत्र को देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करने के लिए किले, जल पर्यटन, साहसिक पर्यटन, स्वास्थ्य पर्यटन, धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
शिवनेरी, लोहगढ़, राजगढ़ और सिंहगढ़ को जोड़ने वाला किला पर्यटन मार्ग, पवना-भाटघर जल पर्यटन केंद्र, 600 किलोमीटर का सह्याद्रि पदयात्रा मार्ग, स्वास्थ्य पर्यटन क्षेत्र और जुन्नर तेंदुआ सफारी जैसी योजनाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। इससे स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, मार्गदर्शक, खानपान और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने की योजना है।
रोजगार के नए अवसरों के लिए युवाओं और महिलाओं को आवश्यक कौशल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में विद्युत वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और जैव प्रौद्योगिकी जैसे नए क्षेत्रों को शामिल करने का प्रस्ताव है।
महिलाओं की रोजगार में भागीदारी बढ़ाने के लिए कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं को नए उद्योगों में उपलब्ध होने वाले रोजगार के लिए तैयार करना है।
पुणे शहर में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ आवास की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए 4 से 5 लाख किफायती घर बनाने का प्रस्ताव है। इसमें करीब एक लाख श्रमिक आवास शामिल होंगे। औद्योगिक श्रमिकों, विद्यार्थियों, तकनीकी कर्मचारियों और विभिन्न आय चों के लिए आवास उपलब्ध कराने की योजना है।
ग्रोथ हब की योजना में रोजगार को केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा गया है। उद्योग, सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन को मिलाकर अगले दस वर्षों में रोजगार के आधार को मजबूत करने का लक्ष्य है।