वर्धा जिले के समुद्रपुर में युवा किसान की मौत, खेत के पास मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
Wardha Farmer News: वर्धा जिले के समुद्रपुर अंतर्गत आरंभा गांव में 32 वर्षीय किसान रोशन नक्षिणे ने आर्थिक तंगी और फसल नुकसान से परेशान होकर कीटनाशक पीकर अपनी जान दे दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- Written By: केतकी मोडक
मृतक रोशन यशवंत नक्षिणे (सोर्स - फोटो नवभारत)
Wardha Farmer Suicide: वर्धा जिले के समुद्रपुर तहसील में खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले समीपस्थ आरंभा गांव के एक युवा किसान ने कीटनाशक गटककर आत्महत्या कर ली। यह घटना 20 जून को सामने आई। खेती में अकालजन्य परिस्थिति से त्रस्त होकर यह कदम किसान ने उठाया, ऐसा बताया जास रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान रोशन यशवंत नक्षिणे (32 वर्ष) के रूप में हुई है। रोशन अपने पिता यशवंत नक्षिणे के नाम पर दर्ज 12 एकड़ कृषि भूमि पर खेती कर परिवार का पालन करता था। पोषण पिछले कुछ समय से वह प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान के कारण आर्थिक एवं मानसिक तनाव में था। लगातार खराब फसल से उसका मनोबल टूटता जा रहा था।
लापता होने के बाद नाले में मिला शव
बताया जाता है कि 19 जून की सुबह वह परिवार वालों को हिंगणघाट जाने की बात कहकर घर से निकला था। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान हिवरकर के खेत के पास स्थित एक नाली में उसका शव मिला। प्राथमिक जांच में कीटनाशक सेवन कर आत्महत्या करने की बात सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया तथा मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
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मानसूम में विलंब से बढ़ी चिंता
जून माह आधे से अधिक बीत जाने के बावजूद कारंजा क्षेत्र में अब तक संतोषजनक बारिश नहीं हुई है। झमाझम वर्षा की प्रतीक्षा में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। बारिश नहीं होने से खरीफ सीजन की बुआई प्रभावित हो रही है और किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। कृषि विभाग किसानों को सलाह दे रहा है कि पर्याप्त वर्षा होने के बाद ही खेतों में बुआई करें। लेकिन बारिश में हो रही देरी के कारण खेती की तैयारियां अधर में लटक गई हैं।
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किसानों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो कृषि कार्यों पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है। क्षेत्र में भीषण गर्मी का प्रकोप भी जारी है। दोपहर के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है और लोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी का असर केवल लोगों पर ही नहीं, बल्कि पक्षियों पर भी दिखाई दे रहा है। पानी की तलाश में पक्षी इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं।
