बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़? वर्धा में 145 स्कूल बसें बिना फिटनेस के सड़क पर, RTO ने लगाया 26 लाख का जुर्माना
Wardha School News: वर्धा जिले में नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होते ही 145 स्कूल बसें और वैन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के दौड़ती मिलीं है। RTO ने 175 वाहनों पर 26.64 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है।
- Written By: केतकी मोडक
स्कूल बस प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Wardha RTO School Bus Inspection: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही वर्धा जिले में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिले में 145 स्कूल बस और वैन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिनमें प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी सफर कर रहे हैं।
तकनीकी रूप से अनुपयुक्त घोषित इन वाहनों से बच्चों की आवाजाही होने से उनकी सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उप प्रादेशिक परिवहन (आरटीओ) विभाग द्वारा किए गए विशेष जांच अभियान में 175 स्कूल बसों और वैन में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं।
इसके चलते संबंधित वाहन मालिकों एवं चालकों पर कुल 26 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही सभी दोषी वाहन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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परिवहन विभाग के अनुसार वर्धा जिले में कुल 687 स्कूल बसें और वैन संचालित हैं। इनमें से 542 वाहनों के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र है, जबकि 145 वाहन बिना योग्यता (फिटनेस) प्रमाणपत्र के विद्यार्थियों का परिवहन कर रहे हैं। शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले विभाग ने सभी स्कूल वाहनों की जांच की, जिसमें यह गंभीर स्थिति सामने आई।
परिवहन विभाग प्रशासन ने संबंधित वाहन मालिकों को तत्काल फिटनेस प्रमाणपत्र का नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन नहीं करने पर वाहनों को जब्त कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अन्यथा करेंगे सख्त कार्रवाई
सहायक (प्रभारी) उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी संदीप मुखे ने कहा है कि नए शैक्षणिक सत्र से पहले जिले की स्कूल बसों और वैन की जांच की गई। 175 वाहनों में विभिन्न प्रकार की कमियां मिलने पर संबंधित वाहन मालिकों और चालकों पर 26.64 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। निर्धारित समय में नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
7 से 15 दिन की अंतिम मोहलत
परिवहन विभाग नियमों के अनुसार नोटिस प्राप्त वाहन मालिकों को 7 से 15 दिनों के भीतर वाहनों की तकनीकी जांच कराकर फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के बाद भी वाहन सड़क पर चलाए जाने पर प्रतिदिन 500 रुपये विलंब शुल्क वसूला जाएगा। इसके अलावा वाहन का परमिट निरस्त कर उसे जब्त भी किया जा सकता है।
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स्कूल प्रबंधन भी रहेगा जिम्मेदार
विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही की जिम्मेदारी केवल चालक या वाहन मालिकों की नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन की भी है। मोटर वाहन नियमों के अनुसार प्रत्येक स्कूल में प्राचार्य की अध्यक्षता में परिवहन समिति का गठन कर हर महीने स्कूल वाहनों का निरीक्षण करना आवश्यक है।
स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक बस या वैन के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध हो। साथ ही वाहन में प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र तथा आपातकालीन निकास पूरी तरह कार्यरत हो।
