

Wardha Weather Update: लंबे इंतजार के बाद वर्धा जिले में मानसून ने जोरदार दस्तक दी, लेकिन जुलाई के शुरुआती दिनों में हुई मूसलाधार बारिश लोगों के लिए आफत बन गई। 2 जुलाई को हुई अतिवृष्टि ने जिले के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई। नदियों का जलस्तर बढ़ गया, नाले उफान पर आ गए और कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में 21 मवेशियों की मौत हो गई, जबकि 6 गांवों के 16 परिवार प्रभावित हुए हैं।
अतिवृष्टि के कारण कई मकानों में पानी घुस गया, जिससे घरेलू उपयोग की सामग्री सहित अन्य सामान का भारी नुकसान हुआ। वहीं खेतों में पानी भर जाने से किसानों द्वारा बोए गए बीज भी बह गए, जिससे कृषि क्षेत्र को भी व्यापक क्षति पहुंची है। गौरतलब है कि इस वर्ष मानसून की देरी से किसानों में चिंता का माहौल था। जून माह में पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण बुआई का कार्य प्रभावित हुआ था।
जून के अंतिम सप्ताह में हल्की बारिश शुरू हुई, लेकिन 1 और 2 जुलाई को हुई लगातार तेज बारिश ने जिले के हालात बदल दिए। जिले के 18 राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज की गई। कई नदियां और नाले उफान पर आ गए, जिससे तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। खेतों में पानी भरने
से बोए गए बीज मिट्टी के साथ बह गए।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, अतिवृष्टि और बाढ़ से आर्वी तहसील के 2 गांवों के 7 परिवार, आष्टी तहसील के 2 गांवों के 7 परिवार तथा कारंजा तहसील के 2 गांवों के 2 परिवार प्रभावित हुए हैं। इस प्रकार कुल 6 गांवों के 16 परिवार आपदा से प्रभावित हुए। इसके अलावा 20 छोटे एवं 1 बड़े, कुल 21 मवेशियों की मौत हुई है। इस आपदा में 4 मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 10 मकानों में पानी घुसने से घरेलू उपयोग की सामग्री एवं अन्य सामान का नुकसान हुआ है।
जिले में पिछले चौबीस घंटे में औसतन 19.7 मिमी बारिश दर्ज की गई इसमें वर्धा तहसील 29.4 मिमी, सेलू में 6.9 मिमी, देवळी में 22.0 मिमी, आर्वी में 13.6 मिमी, आष्टी में 23.2 मिमी, कारंजा में 6.9 मिमी, हिंगनघाट में 24.8 मिमी, समुद्रपुर में 20.8 मिमी बारिश हुई है। जिले में जून माह में अब तक औसतन 132.2 मिमी तथा जुलाई माह में पिछले तिन दिनों में औसतन 82.3 मिमी बारिश हुई है।
मौसम विभाग ने जिले में आगामी दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताते हुए 7 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।