रेल प्रशासन ने रोका अंडरपास का निर्माण। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
वर्धा: पुलगांव-आर्वी मार्ग पर होने वाले परिवहन के लिए अंडरपास निर्माण का काम 2 साल पहले शुरू किया गया था। यहां एक बड़ा गड्ढा खोदा गया था। लेकिन अचानक 6 माह पहले उस गड्ढे को भर दिया गया और काम पूरी तरह से बंद कर दिया गया, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों को शहर में आने के लिए 3 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। यह काम कब पूरा होगा, इस सवाल का जवाब मात्र नहीं मिल रहा है।
यहां से यात्रा करने वाले वाहन चालकों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे लाइन के कारण पुलगांव शहर 2 भागों में बंट गया है। आर्वी की ओर जाने वाले मार्ग पर शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, दखनी फैल, जोशी प्लॉट, वल्लभनगर, हिवरा, सोरटा, रसुलाबाद, विरुल, रोहणा निवासियों को हर काम के लिए रेलवे लाइन पार कर शहर में आना पड़ता है। रेलवे गेट बंद होने के कारण लोगों को बहुत परेशानी हो रही है।
इस परेशानी को कम करने के लिए रेलवे प्रशासन ने सुरंग निर्माण का काम शुरू किया था। दो साल पहले रेलवे गेट बंद कर जेसीबी से एक बड़ा गड्ढा खोदा गया था। यात्रियों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए अंडरपास निर्माण का काम हाथ में लिया गया था। अब 6 महीने पहले सुरंग के लिए खोदा गया गड्ढा भर दिया गया है। वर्धा नदी के किनारे से रेलवे पुल के नीचे से कृषि उपज बाजार समिति में आते समय और नियमित यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों को बहुत परेशानी होती है।
इस मार्ग पर अत्यधिक गड्ढे हो गए हैं। वहां से गाड़ी निकालने पर दुर्घटनाएं होती हैं। बड़े रेलवे पुल के नीचे और नदी फैल, पाटनी महाविद्यालय परिसर में सड़क की स्थिति खराब होती जा रही है। वहां से गुजरना अत्यंत कठिन हो गया है। रेलवे पुल के नीचे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। उनमें बारिश का पानी जमा होने से मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहनों की रोज दुर्घटनाएं होती हैं।
नियमित होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे गेट फिर से शुरू किया जाए। बंद रेलवे मार्ग को यातायात के लिए खोला जाए। या यदि यह संभव न हो तो अंडरपास निर्माण का काम तुरंत फिर से शुरू किया जाए, ऐसी मांग स्थानीय नागरिकों ने सांसद अमर काले और विधायक राजेश बकाने से की है।