गोंदिया: निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े गंगाझरी के ग्रामीण, बोले- आरोप झूठे निकले तो फांसी दे दो
Gram Panchayat Corruption: गोंदिया की गंगाझरी ग्राम पंचायत में करोड़ों के गबन के खिलाफ ग्रामीणों ने 8 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर पूर्व सरपंच के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- Written By: केतकी मोडक
गंगाझरी के ग्रामीण हड़ताल करते हुए (सेर्स - फोटो नवभारत)
Gondia-Gangazhari Gram Panchayat Scam: गोंदिया जिले के अंतर्गत आने वाली गंगाझरी ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये के कथित गबन और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों ने अब सीधे आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। सोमवार को हुई एक महत्वपूर्ण चर्चा बैठक के दौरान प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नाराज ग्रामीणों ने यहां तक कह दिया कि, “यदि हमारे द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप झूठे साबित होते हैं, तो प्रशासन हमें सरेआम फांसी पर चढ़ा दे! लेकिन अगर हमारे आरोप सही हैं, तो दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को तुरंत जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए।” इसी आक्रामक रुख के साथ ग्रामीणों ने 8 जून से ग्राम पंचायत कार्यालय के समक्ष अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
महीने भर बाद भी नहीं जागी कुंभकर्णी नींद
आंदोलनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने करीब एक महीने पहले ही गंगाझरी ग्राम पंचायत में व्याप्त बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की लिखित शिकायत गोंदिया जिला प्रशासन व संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से की थी। परंतु, हफ्तों बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से दोषियों के खिलाफ कोई ठोस या दंडात्मक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। इसी प्रशासनिक अनदेखी से तंग आकर ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।
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चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच सोनू घरड़े को कटघरे में खड़ा करते हुए उन पर विभिन्न विकास कार्यों और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में भारी गड़बड़ी करने के सीधे आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले अधिकांश निर्माण ठेके खुद सरपंच द्वारा ही पिछले दरवाजे से संचालित किए गए, जिससे फर्जी बिलों के माध्यम से लाखों-करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
मृत नागरिकों के नाम पर भी निकाल लिए पैसे!
ग्रामीणों द्वारा उजागर किए गए घोटालों की सूची बेहद चौंकाने वाली है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गांव के मृत नागरिकों के गरीब परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए दी जाने वाली ‘निःशुल्क जलाऊ लकड़ी योजना’ में भी भारी हेरफेर किया गया।
जमीन पर किसी भी लाभार्थी परिवार को लकड़ी या सहायता सामग्री दिए बिना ही, केवल कागजों पर उनके नाम दर्ज कर सरकारी खजाने से लाखों रुपये के फर्जी बिल पास करा लिए गए। मृत लोगों के नाम पर हुए इस कथित घोटाले को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
स्कूल मरम्मत से लेकर टीवी-साउंड सिस्टम खरीदी तक में कमीशनखोरी का खेल
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे ग्रामीणों का दावा है कि पूर्व सरपंच और उनके करीबियों ने ग्राम पंचायत की सामान्य निधि का भी जमकर दुरुपयोग किया। बाजार भाव से कई गुना अधिक दरों पर घटिया दर्जे की सामग्री खरीदी गई। इसके अलावा जिन प्रमुख कार्यों में भारी वित्तीय गड़बड़ी का दावा किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- जमीन मिट्टीकरण और शोष गड्ढा निर्माण कार्य
- नाडेप कंपोस्ट टैंक का निर्माण
- स्थानीय आंगनवाड़ी और जिला परिषद स्कूल की मरम्मत का काम
- ग्राम पंचायत के लिए साउंड सिस्टम और एलइडी टीवी की मनमानी दरों पर खरीदी
इन सभी विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय नियमों को ताक पर रखकर हेराफेरी किए जाने की बात बैठक में कही गई।
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निष्पक्ष जांच होने तक पीछे नहीं हटेंगे आंदोलनकारी
गंगाझरी में शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण पूरे जिले का राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल गरमा गया है।
आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक गोंदिया जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी या किसी उच्चस्तरीय स्वतंत्र एजेंसी द्वारा इस पूरे गबन की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की जाती और दोषियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज नहीं होता, तब तक उनका यह धरना प्रदर्शन और हड़ताल लगातार जारी रहेगी। ग्रामीण अब किसी भी तरह के खोखले आश्वासन को मानने के मूड में नहीं हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
