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वर्धा जिले के कारंजा-घाडगे में रासायनिक खाद खरीदने के लिए किसानों को FFS ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग करनी पड़ रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों के पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं हैं।
किसानों का कहना है कि FFS ऐप पर बुकिंग के बिना कृषि सेवा केंद्रों से खाद नहीं मिल रहा है।
Farmers Problems In Wardha: रासायनिक खाद खरीदने के लिए किसानों को एफएफएस (फर्टिलाइजर सेल्स सिस्टम) ऐप के माध्यम से स्वयं बुकिंग करना अनिवार्य किए जाने से किसानों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से खाद वितरण को आसान बनाने का उद्देश्य जरूर है, लेकिन ऐप के जटिल इस्तेमाल, एंड्रॉयड मोबाइल की कमी और बार-बार नेटवर्क की समस्या के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक किसानों को मोबाइल ऐप चलाने की जानकारी नहीं है। ऐसे में ऑनलाइन बुकिंग करते समय उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण भी बुकिंग करना मुश्किल हो रहा है। किसानों की शिकायत है कि एफएफएस ऐप पर बुकिंग किए बिना कृषि सेवा केंद्रों से रासायनिक खाद नहीं मिल रहा है। इससे चना और गेहूं की बुआई के लिए आवश्यक खाद खरीदने में किसानों को दिक्कतें आ रही हैं।
बुआई का मौसम शुरू होने के बावजूद किसान तकनीकी समस्याओं में उलझे हुए हैं। खाद के लिए उन्हें बार-बार कृषि सेवा केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग किसानों ने एफएफएस ऐप के माध्यम से बुकिंग की प्रक्रिया को सरल बनाने, एंड्रॉयड मोबाइल नहीं रखने वाले किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने तथा नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में सहायता केंद्र शुरू करने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि तकनीकी समस्याओं के कारण कोई भी किसान खाद खरीदने से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए कृषि विभाग को तत्काल आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है, ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके और चना व गेहूं की बुआई प्रभावित न हो।