EOW Investigation:वर्धा जिले में ईओडब्ल्यू (सोर्सः सोशल मीडिया)
Wardha Scam: वर्धा जिले में उजागर कई बड़े आर्थिक घोटालों ने वर्धा सहित पूरे महाराष्ट्र में खलबली मचा दी है। वर्ष 2024 और 2025 के दौरान जिले में अनेक गंभीर आर्थिक अपराध उजागर हुए, जिनकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा की जा रही है। बीते दो वर्षों में इस शाखा ने 4 प्रकरणों का निपटारा किया है, जबकि 4 प्रकरणों की जांच अब भी जारी है। इन दो वर्षों में विभिन्न मामलों में कुल 44 करोड़ 61 लाख 82 हजार 804 रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ है।
जिले में उजागर हुए घोटालों में वर्ष 2024 का किसान महिला नागरी सहकारी पतसंस्था, वर्धा का मामला विशेष रूप से चर्चा में रहा। इस प्रकरण में महिला भूसंपादन अधिकारी स्वाति सूर्यवंशी द्वारा 2.64 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई थी। आर्थिक अपराध शाखा की जांच में स्वाति सूर्यवंशी सहित पतसंस्था के संचालकों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी खाते खोलकर सरकारी अनुदान की राशि 16 बैंक खातों में जमा की गई थी।
इसके अलावा, आर्वी स्थित एक पतसंस्था में भी बड़ा घोटाला उजागर हुआ, जिसके खाताधारक अमरावती, यवतमाल, नागपुर सहित अन्य तहसीलों में फैले हुए थे। पिछले कुछ वर्षों में जिले में पतसंस्थाएं और फाइनेंस कंपनियां स्थापित कर लोगों को प्रलोभन देकर ठगी करने के कई मामले सामने आए हैं। ऐसे कई प्रकरणों में संबंधित विभाग की जांच-पड़ताल अभी भी जारी है।
विविध आर्थिक घोटालों के मामलों में आर्थिक अपराध शाखा ने वर्ष 2024 में 3 प्रकरणों में लगभग 27 करोड़ 17 लाख 6 हजार 254 रुपए की राशि चिन्हित (रोक) की है, जबकि 9 लाख 52 हजार रुपए का माल जब्त किया गया। वहीं वर्ष 2025 में 1 प्रकरण में 59 लाख 24 हजार रुपए का माल जब्त किया गया। नवंबर 2025 के अंत तक EOW के पास कुल 4 प्रकरण लंबित हैं।
वर्ष 2025 में सामने आया एक्सिस बैंक लोन फ्रॉड का मामला जिले में काफी चर्चा में रहा। जांच में इस घोटाले की कड़ी जीएस फाइनेंस फ्रॉड से जुड़ी पाई गई। विभिन्न ग्राहकों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपए के लोन उठाए गए थे। इस प्रकरण में कई प्रतिष्ठित लोगों की संलिप्तता सामने आई है।
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EOW की जांच में जीएस फाइनेंस से जुड़े बंटी और बबली की भूमिका अहम बताई गई है। अमरावती निवासी अनंता इंगले को इस प्रकरण का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। उसके कुछ साथियों को हिरासत में लेकर कार, फर्जी स्टांप, पत्र, स्टेटमेंट, आधार कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। फिलहाल इस प्रकरण की गहन जांच जारी है।