ठाणे MACT का बड़ा फैसला, टैक्सी चालक के परिवार को 5.57 लाख मुआवजा, बाइक मालिक पर लगाया जुर्माना
Thane News: ठाणे ट्रिब्यूनल ने 6 साल पुराने हिट-एंड-रन मामले में सख्त रुख अपनाया है। मृतक टैक्सी चालक के परिजनों को 5.57 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश जारी किया गया है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
MACT Compensation News: महाराष्ट्र के ठाणे में ‘मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण’ (MACT) ने न्याय का उदाहरण पेश करते हुए एक मृतक टैक्सी चालक के परिवार के पक्ष में फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने 2019 में हुई एक दर्दनाक दुर्घटना के लिए मोटरसाइकिल मालिक और उसके बेटे को संयुक्त रूप से जिम्मेदार माना है।
6 साल बाद मिला न्याय: क्या था पूरा मामला?
यह घटना मई 2019 की है, जब ठाणे जिले के रहने वाले 67 वर्षीय टैक्सी चालक वसंत जगन्नाथ कांबले मुंबई के गोवंडी इलाके में अपनी ड्यूटी पर थे। कांबले सड़क पार कर अपनी खड़ी टैक्सी की ओर जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल निखिल होलकर नामक युवक चला रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि कांबले गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि आरोपी निखिल मौके से फरार हो गया। इलाज के दौरान दो दिन बाद कांबले ने दम तोड़ दिया था।
ट्रिब्यूनल ने खारिज की बचाव पक्ष की दलील
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष (मोटरसाइकिल मालिक) ने तर्क दिया कि यह दुर्घटना केवल मोटरसाइकिल चालक की गलती नहीं थी, बल्कि इसमें मृतक की भी लापरवाही शामिल थी। हालांकि, अधिकरण ने इस दावे को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं किया गया जिससे यह साबित हो सके कि कांबले सड़क पार करते समय लापरवाह थे।
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पिता और पुत्र दोनों पर गिरी गाज
7 जनवरी को दिए गए अपने आदेश में ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि चूंकि दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल का मालिक निखिल का पिता था, इसलिए मुआवजे की जिम्मेदारी दोनों की बनती है। अधिकरण ने पिता और पुत्र को संयुक्त रूप से आदेश दिया कि वे मृतक के परिजनों को 5,57,000 रुपये का भुगतान करें।
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9 प्रतिशत ब्याज के साथ देना होगा मुआवजा
अदालत ने केवल मुआवजे की राशि ही तय नहीं की, बल्कि यह भी निर्देश दिया कि इस राशि पर घटना की तारीख से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। यह फैसला उन वाहन मालिकों के लिए एक चेतावनी है जो अपने वाहनों को लापरवाही से चलाने के लिए दूसरों को सौंप देते हैं।
कानूनी जिम्मेदारी का कड़ा संदेश
ठाणे एमएसीटी का यह आदेश सड़क सुरक्षा और उत्तरदायित्व को लेकर एक कड़ा संदेश देता है। अक्सर हिट-एंड-रन मामलों में पीड़ित परिवार वर्षों तक न्याय के लिए भटकते हैं। यह फैसला स्पष्ट करता है कि सड़क पर पैदल चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना वाहन चालकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और लापरवाही बरतने पर आर्थिक व कानूनी दंड भुगतना होगा।
