रामदास तड़स और बकाने (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Wardha News: देवली नगराध्यक्ष पद के लिए भाजपा उम्मीदवार कौन होगा, इस पर स्थानीय स्तर पर सहमति नहीं बन पाई है। उम्मीदवार का नाम तय करने के साथ ही सदस्य पदों के बंटवारे का फार्मूला लेकर विधायक राजेश बकाणे, सांसद रामदास तडस सहित पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी गुरुवार की शाम नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दरबार में पहुंचे हैं।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर देर रात तक कोई न कोई फैसला होने की संभावना है। नागपुर जाने से पहले स्थानीय स्तर पर एक तय किफार्मूलाया गया था। देवली नगर परिषद की 20 में से 10 सदस्य सीटों के उम्मीदवार तडस तय करेंगे और 10 बकाणे। नगराध्यक्ष पद का उम्मीदवार तडस के मत से तय होगा, जबकि सत्ता आने पर उपाध्यक्ष, दो सभापति और एक स्वीकृत सदस्य पद बकाणे तय करेंगे।
अब इस फॉर्मूले पर मुख्यमंत्री के साथ क्या चर्चा होती है और क्या निर्णय निकलता है, इसे लेकर कार्यकर्ताओं में उत्सुकता है। इससे पहले, नगराध्यक्ष पद के लिए तीन नामों पर क्रमशः चर्चा हुई थी, लेकिन किसी पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई। इस बीच अचानक चौथा नाम आगे बढ़ाए जाने की चर्चा फैलने से स्थानीय समन्वय गड़बड़ा गया। स्थानीय स्तर पर सहमति न बन पाने के कारण अब यह निर्णय स्वयं मुख्यमंत्री फडणवीस को लेना पड़ सकता है।
रामदास तडस की पत्नी और पूर्व नगराध्यक्ष शोभा तडस के नाम पर सभी की सहमति है, लेकिन यह चर्चा है कि तडस अपने पुत्र को उम्मीदवार बनाने की कोशिश में हैं। इसी कारण विरोधी गुट सतर्क मोड में आ गए हैं। तडस और बकाणे दोनों में शोभा तडस को उम्मीदवार बनाने पर मतभेद नहीं है।
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दोनों नेताओं और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों की इस पर एक राय है, लेकिन यह शक जताया जा रहा है कि तडस वास्तव में अपने बेटे को आगे लाना चाहते हैं। इस वजह से पार्टी के भीतर विरोध उभर आया है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर उम्मीदवार तय होना मुश्किल हो गया है, और अब मुख्यमंत्री फडणवीस ही इसका समाधान निकालेंगे, ऐसी जानकारी सामने आई है।
रामदास तडस नगर परिषद में अपना प्रभुत्व बनाए रखने के लिए परिवार से ही उम्मीदवार देना चाहते हैं, जबकि राजेश बकाने ने पार्टी के दो अन्य इच्छुक नाम आगे रखे हैं। इनमें एक उनके पुराने सहयोगी और नगर परिषद के पूर्व स्वीकृत सदस्य तथा दूसरा पूर्व उपाध्यक्ष शामिल हैं, जो पहले तडस के करीबी थे़ लेकिन अब बकाने खेमे में हैं। देवली विधानसभा क्षेत्र में बकाने ने कांग्रेस के दिग्गज रणजीत कांबले को हराकर जीत दर्ज की थी। इसके बाद से भाजपा में तडस और बकाणे दो शक्ति केंद्र बन गए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों में तालमेल था, पर अब नगराध्यक्ष पद को लेकर मतभेद बढ़ गए हैं।
पिछले 35 वर्षों से रामदास तडस का देवली नगर परिषद पर दबदबा रहा है। तडस की यह इच्छा रही कि विधायक बकाने, देवली नगर परिषद से जुड़ा निर्णय उन्हीं पर छोड़ दें, जबकि ग्रामीण और पुलगांव नगर परिषद के निर्णय बकाने लें। लेकिन नगराध्यक्ष पद को लेकर हुई राजनीतिक खींचतान के कारण यह आपसी समझौता अब टूट गया है, ऐसा सूत्रों का कहना है।
देवली नगराध्यक्ष पद को लेकर पूर्व सांसद रामदास तड़स व विधायक राजेश बकाने टकराव होने के उपरांत नागपुर के रवि भवन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में बैठक हुई। बैठक को रामदास तड़स, बकाने, पालकमंत्री डा। पंकज भोयर तथा जिले के भाजपा के विधायक उपस्थित थे। दोनों पक्षो की सुलह के बाद पूर्व नगराध्यक्ष शोभा तड़स के नाम पर अंतिम मुहर लगाने की जानकारी है।