Wardha District: मनोरोगी के हमले में दो बुजुर्गों की मौत, आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की कर दी पिटाई
Mentally Ill Youth Attack: आर्वी के इंदिरा चौक सब्जी बाजार में मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक के हमले में दो बुजुर्गों की मौत हो गई, जिससे पूरे जिले में दहशत और आक्रोश फैल गया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Mentally Ill Youth Attack (सोर्सः सोशल मीडिया)
Arvi Murder Case: आर्वी शहर के इंदिरा चौक स्थित सब्जी बाजार में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक मनोरोगी युवक ने लकड़ी के डंडे से तीन लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में दो बुजुर्गों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की जमकर पिटाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
आरोपी की पहचान प्रथमेश गजानन लाडके उर्फ मत्या (22), निवासी नेताजी वार्ड के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है। घटना वाले दिन सुबह उसने अपनी दादी से विवाद किया और उनका गला घोंटने का प्रयास किया, लेकिन लोगों के हस्तक्षेप से वह वहां से भाग गया।
खूनी वारदात से दहल उठा जिला
सुबह करीब 8 बजे आरोपी नग्न अवस्था में नेताजी वार्ड निवासी राजू गुप्ता के घर के पास पहुंचा, जहां उनकी 8 वर्षीय बेटी आंगन में खेल रही थी। आरोपी ने बच्ची का गला दबाने का प्रयास किया। परिजनों के शोर मचाने पर बच्ची किसी तरह उसके चंगुल से छूट सकी। बच्ची को बचाने आए एक व्यक्ति पर भी आरोपी ने हमला किया, जिसमें वह घायल हो गया। इसके बाद आरोपी हाथ में लकड़ी का डंडा लेकर इंदिरा चौक की ओर गया और रास्ते में हनुमान वार्ड निवासी रामकृष्ण श्रावण राऊत (70) पर हमला कर दिया।
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सिर पर गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद सब्जी बाजार में आरोपी ने मारुति वार्ड निवासी रामराव महादेव वांगे (85) पर हमला किया, जो अपनी खेती की उपज बेचने आए थे। वे गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। सूचना मिलते ही आर्वी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। उपजिला अस्पताल में रामकृष्ण राऊत को मृत घोषित किया गया, जबकि रामराव वांगे को सेवाग्राम अस्पताल रेफर किया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
हत्यारे को बांधकर थाने लाया गया
घटना के बाद शहर में अफरा-तफरी मच गई। 50 से 60 लोगों की भीड़ ने आरोपी को पकड़कर उसकी पिटाई की और हाथ-पांव बांधकर पुलिस थाने तक ले गई। आरोपी भी घायल अवस्था में था, जिसे बाद में वर्धा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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घटना के बाद शहर में आक्रोश
इस सनसनीखेज वारदात के बाद शहरवासियों में भारी असंतोष है। लोगों का सवाल है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को नग्न अवस्था में खुलेआम घूमने कैसे दिया गया। परिवार और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में आर्वी पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है और आगे की जांच थानेदार सतीश डेहणकर के मार्गदर्शन में जारी है।
