अमरावती में बनेगा 'डॉ. पंजाबराव देशमुख शैक्षणिक संकुल' (सौजन्य-नवभारत)
Amravati Educational Complex: राज्य के शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर के प्रयासों के चलते अमरावती में डॉ. पंजाबराव देशमुख के नाम से शैक्षणिक संकुल का निर्माण होने वाला है। बजट में मुख्यमंत्री व वित्तमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उक्त घोषणा की है। उसी तरह डॉ. भोयर ने वर्धा जिले से शुरू की हुई विद्यार्थी विज्ञान वारी योजना अब समूचे राज्य में शुरू होगी।
शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. भोयर की संकल्पना से साकार हुए दो महत्वपूर्ण विषय पर मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाई है। अमरावती में शिक्षा विभाग के सभी प्रमुख कार्यालयों को एक ही परिसर में लाने के लिए नए सुसज्जित शैक्षणिक संकुल के निर्माण की मांग डॉ. भोयर ने की थी। इस दिशा से उन्होंने कदम उठाए। उन्होंने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री फडणवीस को प्रस्ताव भेजा था।
इस संकुल का नाम ‘पंजाबराव देशमुख’ के नाम पर रखने का अनुरोध किया था। अमरावती शहर विदर्भ का महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र होने के बावजूद शिक्षा विभाग की कई महत्वपूर्ण कार्यालयें शहर के अलग-अलग हिस्सों में संचालित हो रही हैं।
इनमें विभागीय शिक्षण उपसंचालक कार्यालय, राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षण मंडल, जिला शिक्षण व प्रशिक्षण संस्था, प्राथमिक व माध्यमिक वेतन व भविष्य निर्वाह निधि पथक, लेखाधिकारी शिक्षा विभाग, प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षणाधिकारी, योजना शिक्षणाधिकारी तथा शिक्षा विभाग कर्मचारी निवास स्थान शामिल हैं।
सभी कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण विभागीय समन्वय में कठिनाई आती है। साथ ही कई इमारतें पुरानी हो चुकी हैं व उपलब्ध जगह भी अपर्याप्त है। जिससे कर्मचारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों को विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है।
यदि विभागीय शिक्षण उपसंचालक कार्यालय के मौजूदा परिसर में एक आधुनिक प्रशासनिक भवन या शैक्षणिक संकुल बनाया जाए और उसमें शिक्षा विभाग की सभी कार्यालयों को एक ही छत के नीचे लाने की संकल्पना शिक्षा राज्यमंत्री डा. पंकज भोयर ने रखी थी।
विज्ञान के प्रति छात्रों की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री विद्यार्थी विज्ञान वारी’ विशेष योजना शुरू करने की संकल्पना रखते हुए शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. भोयर ने सीएम की और प्रस्ताव भेजा था। इस योजना के तहत विज्ञान प्रदर्शनियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों का दौरा करने का सुझाव दिया गया है।
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तहसील स्तर प्रदर्शनी में शामिल होने वाले छात्र व रमन साइंस सेंटर जिलास्तर के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को बेंगलुरु स्थित इंडियन स्पेस रिसर्च ऑरगनाइजेशन केंद्र का दौरा कराने का प्रावधान था। राज्यस्तर के 51 मेधावी छात्रों को अमेरिका में नासा केंद्र की शैक्षणिक यात्रा का अवसर देने का प्रस्ताव डा। भोयर ने रखा था।