विधान परिषद चुनाव 2026: हर्षवर्धन सपकाल का दावा, यशोमती ठाकुर की सहमति से चुना गया कांग्रेस उम्मीदवार
Congress Candidate Selection: अमरावती विधान परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस में उम्मीदवार चयन पर विवाद गहराता जा रहा है। तो वहीं श्याम मानव के बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
Harshvardhan Sapkal-Yashomati Thakur (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Amravati MLC Election: विधान परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस में छिड़ा विवाद अब और गहरा गया है। एक ओर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता यशोमती ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश नेतृत्व ने उम्मीदवार चयन में उनसे कोई चर्चा नहीं की और टिकट बेचे जाने की आशंका जताई, वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि अमरावती के उम्मीदवार का चयन स्वयं यशोमती और स्थानीय नेताओं की सहमति से किया गया था।
सपकाल ने सोशल मीडिया पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य की 9 विधान परिषद सीटों पर कांग्रेस द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों को उम्मीदवार चयन के पूर्ण अधिकार दिए गए थे। अमरावती की पर्यवेक्षक यशोमती ठाकुर थीं और स्थानीय नेताओं, जिला अध्यक्ष, पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक में उम्मीदवार तय किया गया था। प्रदेश नेतृत्व ने केवल उस निर्णय को मंजूरी दी।
आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा विवाद
इस बीच कांग्रेस के भीतर आरोपप्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। यशोमती द्वारा टिकट वितरण को लेकर सवाल उठाने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख और अन्य स्थानीय नेताओं के बीच भी बयानबाजी तेज हो गई है। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि टिकट चयन प्रक्रिया को लेकर गंभीर मतभेद सामने आए हैं।
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आज से चुनाव प्रचार में उतरेंगे देशमुख
जहां एक ओर कांग्रेस में उम्मीदवार को लेकर घमासान शुरू है, वहीं दूसरी ओर विधान परिषद चुनाव के बीच कांग्रेस उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख के रविवार से दोबारा चुनावी मैदान में सक्रिय होने की संभावना और चर्चा भी जारी है। सूत्रों के अनुसार नागपुर के अस्पताल में उपचाराधीन देशमुख को डिस्चार्ज मिल जाएगा। वे 14 जून को अमरावती पहुंचकर प्रचार अभियान की कमान संभालेंगे। देशमुख के अस्पताल में भर्ती होने के कारण कांग्रेस के भीतर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
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पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि देशमुख ने भी इन आरोपों का जवाब देते हुए खुद को चुनावी मुकाबले में पूरी तरह सक्रिय बताया।अंतिम चरण में रोचक हुआ मुकाबलामतदान में अब केवल 6 दिन शेष हैं। ऐसे में देशमुख की वापसी को कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर महायुति उम्मीदवार प्रवीण पोटे लगातार मतदाताओं और समर्थकों से संपर्क अभियान चला रहे हैं। ऐसे में अंतिम दिनों का चुनाव प्रचार मुकाबले को और रोचक बना सकता है।
कांग्रेस में BJP को सपोर्ट करने वाले स्लीपर सेल मानव
कांग्रेस में बीजेपी की विचारधारा को मानने व बीजेपी को सपोर्ट करने वाले अनेक स्लीपर सेल है। जो प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रुप से बीजेपी को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्हें पार्टी से हटाने से ही सही शुद्धिकरण होने का दावा अंधश्रध्दा निर्मूलन समिति के श्याम मानव ने किया। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस पध्दति से कांग्रेस का शुध्दिकरण करने का विचार व प्रयास कर रहे हैं, संविधान के मूल्यान को लेकर वे गंभीर है।
इससे सही अर्थों में देश में संविधान रिस्टोर होनी चाहिए। लोकतंत्र सही तरीके से संचालित होना चाहिए। इसके लिए भाजपा की विचार धारा व भाजपा को प्रत्यक्षअप्रत्यक्ष रूप से मदद करने वाले स्लीपर सेल को कांग्रेस से भगाना चाहिए, तभी कांग्रेस का सही अर्थों में शुध्दिकरण हो सकता है और जिसने देश में संविधान का निर्माण किया। वहीं सही अर्थों में संविधान को रिस्टोर कर सकते हैं। मानव ने बच्चू कडू को अपना करीबी मित्र भी बताया।
