तय समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हुई आसान; वर्धा पुलिस एसपी कार्यालय की अनूठी पहल ‘प्रोजेक्ट सतर्क’ लाई रंग
Wardha Police Project Satark: वर्धा पुलिस की 'प्रोजेक्ट सतर्क' डिजिटल प्रणाली से दो या अधिक मामलों वाले अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है। इससे गंभीर अपराधों में कमी आने का दावा किया गया है।
- Written By: अंकिता पटेल
वर्धा पुलिस, प्रोजेक्ट सतर्क, डिजिटल निगरानी, (प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: एआई फोटो)
Wardha Police Digital Criminal Monitoring: वर्धा जिला पुलिस द्वारा दो या उससे अधिक आपराधिक मामलों (2+) में शामिल अपराधियों पर प्रभावी निगरानी और समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के लिए शुरू की गई ‘प्रोजेक्ट सतर्क’ डिजिटल प्रणाली के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस पहल के तहत अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस तैयार कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, जिससे गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से शुरू की गई इस डिजिटल प्रणाली में दो या अधिक मामलों में आरोपित अपराधियों का अद्यतन रिकॉर्ड अलग-अलग श्रेणियों में तैयार किया गया है। इसमें शरीर के विरुद्ध अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध, एनडीपीएस से जुड़े अपराध, अवैध शराब कारोबार तथा अन्य श्रेणियों के अपराधियों की अलग अलग सूची बनाई गई है। इससे उनकी आपराधिक प्रवृत्ति के आधार पर समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करना आसान हुआ है।
18 अपराधियों पर तड़ीपारी की कार्रवाई
1 जनवरी से 30 जून 2026 के दौरान इस प्रणाली के माध्यम से महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 55, 56 और 57 के तहत जिले के 19 पुलिस थानों में कार्रवाई की गई, धारा 55 के तहत 2.धारा 56 के तहत 91 तथा धारा 57 के तहत 9 प्रस्तावों पर कार्रवाई की गई।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में स्कूली बच्चों को मुफ्त में कराई जाएगी जंगल सफारी, सरकार का बड़ा फैसला, जानें किसे मिलेगा मौका
नागपुर में नहीं होगी उद्धव ठाकरे की जनसभा; रामनगर मंदिर के पास सड़क पर होगा ‘राम रक्षा आंदोलन’ और भव्य महाआरती
भिखारी के घर में 54 करोड़ का सोना, असम के गुवाहाटी में गिरफ्तारी, महाराष्ट्र से है सीधा संबंध
PMPML की बड़ी तैयारी: मेट्रो और BRT से बाहर के रूटों पर डबलडेकर बस सेवा शुरू करने की योजना
वर्तमान में धारा 55 के तहत 12 तथा धारा 56 के तहत 6, कुल 18 अपराधियों को जिले से तडीपार किया जा चुका है, जबकि अन्य प्रस्तावों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है, इसके अलावा जिले के सभी 19 पुलिस थानों में बीएनएसएस की धारा 129 के तहत 358 तथा धारा 126 के तहत 3,228 प्रस्तावों पर कार्रवाई चल रही है। वहीं अवैध शराब कारोबार और अन्य गंभीर गतिविधियों में शामिल 5 खतरनाक अपराधियों को एमपीडीए अधिनियम के तहत निरुद्ध कर जेल भेजा गया है।
4 गिरोहों के 14 आरोपियों पर कसा तंज
पुलिस ने संगठित अपराध पर भी कार्रवाई तेज करते हुए मकोका, 1999 के तहत संगठित रूप से अपराध करने वाले 4 गिरोहों के 14 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की है। इसका उद्देश्य संगठित अपराध, वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और
हिंसक वारदातों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
पुलिस के अनुसार, डिजिटल प्रणाली के कारण पूरा डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध होने से अपराधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई संभव हुई है। इसके परिणामस्वरूप । जनवरी से 30 जून 2026 तक वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
‘प्रोजेक्ट सतर्क’ से अपराधों में बड़ी गिरावट
हत्या के मामलों में 31.25 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 16 प्रतिशत, लूट में 72.72 प्रतिशत, घरफोड़ियो में 24.17 प्रतिशत, चोरी के मामलों में 11.56 प्रतिशत तथा मारपीट एवं चोट पहुंचाने के मामलों में 5.25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
यह भी पढ़ें:- नागपुर में नहीं होगी उद्धव ठाकरे की जनसभा; रामनगर मंदिर के पास सड़क पर होगा ‘राम रक्षा आंदोलन’ और भव्य महाआरती
वर्धा जिला पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ‘प्रोजेक्ट सतर्क के माध्यम से दो या अधिक मामलों में शामिल अपराधियों पर समय रहते कड़ी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई जारी रखकर जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
