

मुबंई : आतंकवाद से निपटने के लिए अलग-अलग देशों में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) से प्रियंका चतुर्वेदी डेलिगेशन का हिस्सा होंगी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे से इस सबंध में फोन पर बातचीत की।
इस बीच उद्धव ठाकरे की पार्टी ने अलग-अलग देशों का दौरा करने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल और शिवसेना (यूबीटी) की भागीदारी के संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, इस प्रतिनिधिमंडल के संबंध में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कल पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की। यह प्रतिनिधिमंडल आतंकवाद के खिलाफ भारत के बारे में है, राजनीति के बारे में नहीं और इस बात का भरोसा दिलाए जाने पर हमने सरकार को भी विश्वास दिलाया है कि हम इस प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से अपने देश के लिए जो सही और जरूरी है, वह करेंगे।
आतंकवाद के खिलाफ हम सभी एकजुट- यूबीटी
शिवसेना (यूबीटी) के एक्स हैंडल से आगे कहा गया, ''सांसद प्रियंका चतुर्वेदी जी देश भर के अन्य सांसदों के साथ प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगी। पहलगाम हमले के तुरंत बाद, सभी राजनीतिक दलों ने आतंकवाद, विशेष रूप से पाकिस्तान आधारित आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और उनके बुनियादी ढांचे और ठिकानों को नष्ट करने में प्रधानमंत्री को समर्थन व्यक्त किया है। आतंकवाद के खिलाफ काम करने वाले सशस्त्र बलों के साथ हम सभी एकजुट हैं, इसमें कोई दो राय नहीं होनी चाहिए।
उद्धव ठाकरे की पार्टी की ओर से ये भी कहा गया, पहलगाम पर कूटनीतिक स्थिति और विफल खुफिया या सुरक्षा तंत्र के बारे में हमारी अपनी राय है, और हम अपने देश के सर्वोत्तम हित में, अपने देश के भीतर सवाल पूछते रहेंगे। हालांकि, हमें पाकिस्तान आधारित आतंकवाद को उजागर करने के लिए वैश्विक स्तर पर एकजुट होना चाहिए, ताकि इसे अलग-थलग किया जा सके और नष्ट किया जा सके।
UBT ने समर्थन दोहराया
यूबीटी ने आगे लिखा, हमने केंद्र सरकार को यह भी बताया है कि हम इस मुद्दे पर एकजुट हैं, लेकिन अराजकता और कुप्रबंधन से बचने के लिए इन प्रतिनिधिमंडलों के बारे में पार्टियों को बेहतर जानकारी देने के प्रोटोकॉल का पालन किया जा सकता है। कॉल के माध्यम से ऐसा हुआ, और हमने राष्ट्रीय हित की ऐसी किसी भी कार्रवाई के लिए अपना समर्थन दोहराया है। उद्धव गुट की शिवसेना की ओर से ये भी कहा गया, हमने इस पर आवाज उठाने और पहलगाम से लेकर 'ऑपरेशन सिंदूर' तक पर चर्चा करने के लिए जल्द से जल्द प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी मांग की है। हम आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में एकजुट हैं।