नासिक ट्रैफिक एजुकेशन पार्क फिर होगा शुरू: विवाद के बाद महापौर की पहल पर मनपा देगा पूरा सहयोग
Nashik Traffic Park: विवादों के बाद बंद हुए नासिक ट्रैफिक एजुकेशन पार्क को फिर से शुरू करने के लिए महापौर ने सकारात्मक पहल की है। यह पार्क 13 वर्षों में 3.5 लाख लोगों को प्रशिक्षित कर चुका है।
- Written By: रूपम सिंह
नासिक ट्रैफिक एजुकेशन पार्क (सोर्स-सोशल मीडिया)
Nashik Road Safety: नासिक शहर में पिछले 13 वर्षों से सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता का प्रभावी कार्य कर रहे तथा राष्ट्रीय स्तर पर शहर को विशेष पहचान दिलाने वाले ट्रैफिक एजुकेशन पार्क को फिर से नई ऊर्जा के साथ शुरू करने के लिए बुधवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। महापौर हिमगौरी आडके-आहेर ने एडवांटेज नासिक फाउंडेशन (नासिक फर्स्ट) के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा कर इस उपक्रम को महानगरपालिका की ओर से आवश्यक सहयोग देने का सकारात्मक आश्वासन दिया।
महापौर ने स्पष्ट किया कि शहरहित और जनजागरण से जुड़े ऐसे उपक्रम किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं होने चाहिए। हजारों विद्यार्थी, युवा, महिलाएं और नागरिकों को निःशुल्क यातायात शिक्षा देने वाले इस उपक्रम ने नासिक को राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाई है। इसलिए इसे फिर से पूरी क्षमता के साथ शुरू करने के लिए महानगरपालिका सकारात्मक भूमिका निभाएगी।
विवाद के बाद बंद करने का लिया था निर्णय
बैठक में अतिरिक्त आयुक्त अमित रंजन, उपायुक्त अजित निकत, फाउंडेशन के निदेशक देवेंद्र बापट, संजय देशमुख तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए आरोप, निरीक्षण दौरों और उसके बाद बने विवादास्पद माहौल से आहत होकर फाउंडेशन ने ट्रैफिक एजुकेशन पार्क बंद करने का निर्णय लिया था।
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नासिक महानगरपालिका के साथ करार नवीनीकरण लंबित रहने के दौरान लिए गए इस निर्णय से शहर के अनेक नागरिकों ने निराशा व्यक्त की थी। इसी पृष्ठभूमि में हुई यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ट्रैफिक एजुकेशन पार्क की संकल्पना वर्ष 2009 में तत्कालीन पुलिस आयुक्त की पहल पर सामने आई थी। बाद में नासिक फर्स्ट ने महिंदा महिंद्रा लॉर्डस इंडिया तथा जनसहभागिता के माध्यम से लगभग 3.5 करोड़ रुपये खर्च कर इस परियोजना को विकसित किया।
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अब तक 3.5 लाख लोगों को दे चुका प्रशिक्षण
वर्ष 2013 में महानगरपालिका के साथ करार कर इस उपक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। संस्था ने करार नवीनीकरण के लिए कई बार प्रयास किए। वर्ष 2020 से महानगरपालिका ने किराये के चेक स्वीकार नहीं किए। इसके बाद संशोधित किराया और जीएसटी सहित कुल 61 लाख 84 हजार रुपये जमा करने के बावजूद करार नवीनीकरण पर निर्णय नहीं होने से संस्था में नाराजगी थी।
पिछले 13 वर्षों में साढ़े तीन लाख से अधिक नागरिकों को यहां निः शुल्क यातायात प्रशिक्षण दिया गया है। नए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को दो घंटे का सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण देने वाला यह देश का एकमात्र केंद्र होने का दावा संस्था ने किया है।
कोविड काल में भी ऑनलाइन प्रशिक्षण जारी रखा गया था। इस उपक्रम को राज्य और केंद्र स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। ट्रैफिक एजुकेशन पार्कको पुनः शुरू करने की दिशा में सकारात्मक पहल होने से नासिकवासियों में संतोष व्यक्त किया जा रहा है।
