Amravati News: सड़क सिर्फ डेढ़ वर्ष में ही गड्ढों में तब्दील हो गई है। धारणी तहसील के मेलघाट क्षेत्र में बारातांडा से धूलघाट रेलवे तक करीब 10 किलोमीटर की सड़क पर करोड़ों रुपये खर्च होने का दावा किया गया था। यह सड़क आठ गांवों की जीवनरेखा बनने का वादा करती थी, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क आधी-अधूरी बनी और जो बनी, वह भी महज छह महीने में उखड़ने लगी। अब हालत यह है कि गड्ढों के बीच कहीं-कहीं सड़क नजर आ जाती है। राहगीर पूछ रहे हैं कि यह सड़क है या खड्डों में सड़क, या फिर सड़क में खड्डे।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों की योजना का कोई सूचना फलक तक क्यों नहीं लगाया गया। किस विभाग ने काम कराया, कितनी लागत आई, ठेकेदार कौन है, यह जानकारी आज भी जनता के लिए पहेली बनी हुई है।
इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्कूली बच्चे, मरीज और किसान इसी रास्ते से धारणी आते-जाते हैं। लेकिन जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। मेलघाटवासियों का आरोप है कि यहां घटिया सड़क बनाओ और पैसे कमाओ का फंडा चल रहा है।
अब देखना यह है कि प्रशासन गड्ढों को भरेगा या जनता का गुस्सा बढ़ता रहेगा। ठेकेदार को नोटिस देकर जल्द इन गड्ढों को भरने के लिए कहा जायेगा।
धारणी तहसील के डिप्टी इंजीनियर से इस मार्ग की जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी। यह सड़क गर्भवती माताओं को इमरजेंसी में धारणी रेफर करने के लिए भी उपयोग की जाती है, लेकिन गड्ढों के कारण काफी परेशानी होती है। ठेकेदार और अभियंता पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।