Amravati News: लीज खत्म हो चुके व्यापारी संकुलों पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी डॉ. सुनील देशमुख ने उठाया सवाल , ब्यूरो. आर्थिक वर्ष 202526 समाप्त होते ही मनपा प्रशासन ने शहरवासियों से संपत्ति कर वसूलने के लिए दबाव बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. साथ ही किस तरह सरकारी संपत्तियों से लंबित संपत्ति कर की वसूली की जाए, इसके बारे में प्रशासन की बैठके शुरु है.
शहर में नगर निगम के कई व्यापारिक परिसरों की लीज की अवधि काफी समय से समाप्त हो चुकी है, और इन परिसरों के किराए पर पुनः निर्णय लेने की प्रक्रिया पिछले चारपांच वर्षों से रुकी हुई है. इस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी है, ऐसा सवाल पूर्व पालकमंत्री डॉ. सुनील देशमुख ने उठाया है. फोटो सुनील देशमुख उन्होंने कहा कि मनपा प्रशासन ने पहले ही अमरावती शहर के नागरिकों के संपत्ति कर में भारी वृद्धि कर दी थी, जिसके कारण नागरिकों को कई गुना अधिक कर चुकाना पड़ा था.
उस वक्त, प्रशासन के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किए थे, और अंततः प्रशासन को कुछ राहत देने के लिए मजबूर किया गया था. हालांकि, बढ़ी हुई संपत्ति कर की समस्या अब भी नागरिकों के सिर पर लटकी हुई है, और प्रशासन अब इन बढ़े हुए करों की वसूली के लिए अभियान चला रहा है. लेकिन मनपा के स्वामित्व में स्थित व्यापारिक संकुलों के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है.
इन परिसरों की लीज समाप्त हो चुकी है, और कई वर्षों से प्रशासन इन परिसरों के किराए में वृद्धि करने के लिए निर्णय नहीं ले पा रहा है. संकुलों के किराए में वृद्धि करने में क्यों संकोच किया जा रहा है, ऐसा सवाल उन्होंने उठाया. डॉ. सुनील देशमुख का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द ही इन परिसरों के नए करार और किराए की बढ़ोतरी के बारे में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह स्पष्ट होगा कि प्रशासन आम नागरिकों की भलाई के बजाय कुछ खास लोगों के हितों की रक्षा कर रहा है. उन्होंने प्रशासन से तात्कालिक निर्णय लेने की अपील की.