ठाणे में ‘Wake Up Thanekar’ अभियान की शुरुआत, विकास परियोजनाओं में जनभागीदारी की उठी मांग
ठाणे में विकास परियोजनाओं, पेड़ों की कटाई और नागरिकों की अनदेखी के विरोध में 'Wake Up Thanekar' अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण को लेकर नागरिकों ने आवाज बुलंद की है।
- Written By: अपूर्वा नायक
वेक अप ठाणेकर (सौ. सोशल मीडिया )
Wake Up Thanekar Campaign News: ठाणे शहर में विकास परियोजनाओं, पेड़ों की बढ़ती कटाई और लोगों को भरोसे में लिए बिना लिए गए फैसलों के खिलाफ शहर के जागरूक नागरिक एक साथ आ रहे हैं।
शहर के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नागरिकों की आवाज को संगठित करने और ठाणे के सुनियोजित एवं टिकाऊ विकास की मांग को लेकर ‘वेक अप ठाणेकर’ नामक गैर-राजनीतिक जनजागरण अभियान की शुरुआत की गयी है।
पिछले कुछ दिनों से शहरभर में दिखाई दे रहे इस अभियान के पोस्टरों के बाद बुधवार को आयोजित पत्रकार परिषद में इसकी औपचारिक घोषणा की गई। इसके जरिये विकास के कामों से पहले ठाणेकरों की राय जानने के लिए पब्लिक हियरिंग की मांग और गलत प्रोजेक्ट्स के खिलाफ कानूनी लड़ाई की भी चेतावनी दी गयी है।
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जल संकट को किया जा रहा नजरअंदाज
अभियान से जुड़े नागरिकों ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर ठाणे में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई, बढ़ते कंक्रीटीकरण, यातायात समस्याओं और भविष्य में संभावित जल संकट जैसे मुद्दों की अनदेखी की जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता दयानंद नेणे ने कहा कि ठाणे शहर के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय नागरिकों की भागीदारी के बिना लिए जा रहे हैं, जिससे ठाणे की पर्यावरणीय और सांस्कृतिक पहचान प्रभावित होने का खतरा है।
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परियोजना शुरू करने से पहले मंथन करना जरूरी
अभियान के सदस्यों ने रिंग रूट मेट्रो, नई सड़क परियोजनाओं, हाइवे के सर्विस रोड तथा बालकुम क्षेत्र में प्रस्तावित अमेजन डेटा सेंटर जैसी परियोजनाओं पर व्यापक सार्वजनिक चर्चा की आवश्यकता बताई, उनका कहना है कि किसी भी बड़े प्रकल्प को लागू करने से पहले उसके पर्यावरणीय, सामाजिक और बुनियादी ढांचे पर पड़ने वाले प्रभायों का आकलन किया जाना चाहिए, अभियान से जुड़े राजेश कदम ने स्पष्ट किया कि वेक अप ठाणेकर किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह नागरिकों का एक स्वतंत्र मंच है, जो शहर के विकास में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा।
